Tuesday, 4 August 2026
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पांच साल पहले हुई हत्या में पांच आरोपी बरी:कोर्ट ने कहा- सिर्फ संदेह के आधार पर नहीं दी जा सकती सजा

INT News3 August 2026 at 10:05 pm

जिला कोर्ट ने करीब पांच साल पुराने केस खुड़ैल थाना क्षेत्र के लव उर्फ लवकुश राठौर हत्याकांड में सभी पांच आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप संदेह से परे साबित नहीं कर सका। ऐसे में केवल आशंका या संदेह के आधार पर दोषसिद्धि नहीं की जा सकती। कोर्ट में सुनवाई े दौरान अभियोजन का दावा था कि प्रेम विवाह से नाराज होकर आरोपियों ने 3 से 5 फरवरी 2021 के बीच लव उर्फ लवकुश की हत्या कर दी और पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को जंगल में ले जाकर जला दिया। बाद में डीएनए जांच से शव की पहचान लवकुश के रूप में हुई। हालांकि सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि अभियोजन द्वारा प्रस्तुत परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की कड़ी री तरह स्थापित नहीं हो सकी। मामले के कई महत्वपूर्ण गवाह अपने पूर्व बयानों से मुकर गए और अभियोजन की कहानी का समर्थन नहीं किया। कथित प्रेम विवाह को हत्या का ठोस कारण साबित करने वाला भी कोई विश्वसनीय साक्ष्य अदालत के सामने प्रस्तुत नहीं किया जा सका। कोर्ट ने यह भी माना कि पुलिस द्वारा वर्ष 2024 में आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनके कथित मेमोरेंडम के आधार पर कोई ऐसा नया तथ्य सामने नहीं आया, जो सीधे तौर पर आरोपियों को अपराध से जोड़ता हो। जिन वस्तुओं की बरामदगी दिखाई गई, वे पहले ही 2021 में घटनास्थल से पुलिस द्वारा जब्त की जा चुकी थीं, इसलिए इन बरामदगियों का अभियोजन को कोई विशेष लाभ नहीं मिला। कोर्ट ने 3 जुलाई को फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन का संदेह से परे साबित करना होता है। यदि उपलब्ध साक्ष्यों से दो संभावित निष्कर्ष निकलते हों तो वह निष्कर्ष स्वीकार किया जाएगा जो आरोपी के पक्ष में हो। केवल गंभीर संदेह किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने का आधार नहीं बन सकता। इन्हीं कारणों से कोर्ट ने अर्जुन वास्केल, रमेश वास्केल, दिनेश वास्केल, मुकेश वास्केल तथा महेश गोयल को हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।