Tuesday, 4 August 2026
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बीएमएचआरसी में शुरू हुई अत्याधुनिक फ्लो साइटोमेट्री मशीन:कैंसर समेत कई बीमारियों की जांच होगी अधिक सटीक; टीबी और सिकल सेल पर होगी रिसर्च

INT News3 August 2026 at 10:40 pm

भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) में अब बीमारियों की जांच और चिकित्सा अनुसंधान को नई तकनीकी ताकत मिल गई है। संस्थान की सेंट्रल लैब में अत्याधुनिक फ्लो साइटोमेट्री विद इमेजिंग मशीन शुरू कर दी गई है। इस तकनीक की खासियत यह है कि अब केवल कोशिकाओं का डेटा ही नहीं, बल्कि उनकी उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें भी मिल सकेंगी। इससे बीमारी के दौरान कोशिकाओं में होने वाले बदलावों का अधिक सटीक विश्लेषण संभव होगा। इस अत्याधुनिक मशीन का शुभारंभ सोमवार को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने बीएमएचआरसी दौरे के दौरान किया। बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने बताया कि नई तकनीक ब्लड कैंसर, सिकल सेल रोग, ऑटोइम्यून बीमारियों और प्रतिरक्षा तंत्र से जुड़ी समस्याओं की जांच और शोध में अहम भूमिका निभाएगी। इसके अलावा इम्यूनोलॉजी, हीमैटोलॉजी, ऑन्कोलॉजी और टीबी समेत अन्य संक्रामक रोगों पर होने वाले अनुसंधान को भी इससे गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि मशीन कम समय में हजारों कोशिकाओं का विश्लेषण कर सकती है। इससे वैज्ञानिक यह समझ सकेंगे कि किसी बीमारी के दौरान शरीर की कोशिकाएं किस प्रकार प्रतिक्रिया करती हैं। यह जानकारी नई उपचार पद्धतियां विकसित करने और मरीजों के लिए बेहतर इलाज खोजने में मददगार साबित होगी। डॉ. श्रीवास्तव के अनुसार, पारंपरिक फ्लो साइटोमेट्री में केवल आंकड़े प्राप्त होते थे, लेकिन नई मशीन कोशिकाओं की स्पष्ट तस्वीरें भी उपलब्ध कराती है। इससे वैज्ञानिक कोशिकाओं की संरचना और उनमें होने वाले सूक्ष्म बदलावों को प्रत्यक्ष रूप से देख सकेंगे। इसका परिणाम अधिक सटीक जांच और विश्वसनीय शोध के रूप में सामने आएगा। बीएमएचआरसी का कहना है कि यह सुविधा संस्थान के सभी विभागों के लिए उपलब्ध रहेगी। चिकित्सक और शोधकर्ता अपने नमूने सेंट्रल लैब में भेजकर इस तकनीक का लाभ ले सकेंगे। यह मशीन कॉमन रिसर्च फैसिलिटी के रूप में कार्य करेगी और भविष्य में विभिन्न बीमारियों की बेहतर समझ, नई उपचार तकनीकों के विकास तथा उच्च गुणवत्ता वाले वैज्ञानिक अनुसंधान को मजबूती देगी।