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गर्भवती पत्नी को तीन तलाक देकर घर से निकाला:दहेज प्रताड़ना का भी लगाया आरोप; पति, सास-ससुर के खिलाफ केस दर्ज
बलरामपुर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र में तीन तलाक और दहेज प्रताड़ना का मामला सामने आया है। आरोप है कि गर्भवती महिला को पति ने कथित तौर पर तीन तलाक देकर दो बच्चों सहित घर से निकाल दिया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने पति, सास और ससुर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। राजपुर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम, 2019 की धारा 4 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 85 के तहत अपराध दर्ज किया है। मामला राजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम आरा का है। 2017 में हुआ था निकाह पुलिस को दी गई शिकायत में सूरजपुर जिले के भटगांव थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला ने बताया कि उसका निकाह 16 मार्च 2017 को ग्राम आरा निवासी युवक से मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार हुआ था। विवाह के बाद वह संयुक्त परिवार में रह रही थी। दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप पीड़िता का आरोप है कि निकाह के लगभग एक साल बाद से पति, सास जैतुन निशा, ससुर नेसार अहमद और अन्य परिजन दहेज में कम सामान और नकदी लाने का ताना देकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। मायके से पैसे लाने का दबाव बनाया जाता था। विरोध करने पर मारपीट और गाली-गलौज की जाती थी। कई बार समझौते के प्रयास भी हुए, लेकिन स्थिति नहीं बदली। गर्भपात का दबाव, मना करने पर मारपीट महिला ने शिकायत में बताया कि तीसरी बार गर्भवती होने पर उस पर गर्भपात कराने का दबाव बनाया गया। मना करने पर 7 फरवरी 2026 को उसके साथ मारपीट की गई। 3 तलाक देकर घर से निकालने का आरोप पीड़िता के अनुसार, मारपीट के दौरान पति ने कथित तौर पर एक साथ तीन बार 'तलाक' कहकर विवाह समाप्त करने की घोषणा कर दी और उसे दो बच्चों सहित घर से बाहर निकाल दिया। महिला का आरोप है कि इस दौरान सास और ससुर ने भी पति का साथ दिया। परिवार परामर्श केंद्र से राजपुर थाना पहुंचा मामला इस मामले की पहले सूरजपुर के परिवार परामर्श केंद्र में काउंसलिंग कराई गई थी। जांच के दौरान घटना का क्षेत्राधिकार राजपुर थाना क्षेत्र का पाए जाने पर केस वहां स्थानांतरित किया गया। इसके बाद राजपुर पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।