समाचार · मध्य प्रदेश
पाटन का बाजार बंद, मुख्य चौराहे पर खड़े किए ट्रैक्टर:डायवर्ट ट्रैफिक, हादसों और किल्लत के विरोध में हुआ प्रदर्शन
जबलपुर का पाटन मंगलवार को पूरी तरह बंद रहा। पाटनवासियों ने मुख्य चौराहे पर ट्रैक्टर खड़े कर प्रदर्शन किया, जिसके बाद प्रशासन ने लिखित आश्वासन देकर विरोध शांत कराया। शहपुरा स्थित रेलवे ब्रिज टूटने के बाद डायवर्ट किए गए ट्रैफिक, लगातार हो रहे सड़क हादसों, खाद की किल्लत और बिजली कटौती के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया था। किसानों, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों सहित हजारों की संख्या में लोग दोपहर 12 बजे एकत्र हुए। इस दौरान लगभग सभी दुकानें बंद रहीं। प्रदर्शनकारियों ने पाटन से जबलपुर, भोपाल, शहपुरा, सागर, दमोह और कटंगी को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों की बदहाल स्थिति पर भी नाराजगी व्यक्त की। यह प्रदर्शन 18 अगस्त तक प्रशासन को दिए गए अल्टीमेटम के बाद किया गया। ब्रिज को टूटे हुए 6 महीने हो गया दरअसल, जबलपुर-भोपाल नेशनल हाईवे पर शहपुरा स्थित रेलवे ब्रिज को टूटे हुए छह महीने से अधिक समय हो गया है। इसके बावजूद अब तक कोई स्थायी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो पाई है। इसी कारण भारी वाहनों का दबाव पाटन मार्ग पर बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस डायवर्ट ट्रैफिक के कारण बीते छह महीनों में जबलपुर-पाटन-शहपुरा मार्ग पर हुई सड़क दुर्घटनाओं में 42 लोगों की जान जा चुकी है। मांगों को लेकर लिखित आश्वासन की मांग विरोध प्रदर्शन के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे, जहां किसान नेताओं ने अपनी मांगों को लेकर लिखित आश्वासन की मांग की। प्रशासन ने लिखित रूप में एक महीने के भीतर रेलवे से अनुमति लेकर बायपास या नया फाटक चालू कराने तथा ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने का वादा किया। इसके अतिरिक्त, उर्वरक की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने और बिजली कटौती न होने का भी आश्वासन दिया गया। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा दिए गए समय सीमा में वादे पूरे नहीं हुए, तो वे फिर से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। अपर कलेक्टर ने दिया कार्रवाई का आश्वासन कुछ दिन पहले भाजपा विधायक अजय विश्नोई भी इस मुद्दे पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह से सवाल कर चुके हैं। करीब पांच घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद मौके पर पहुंचीं अपर कलेक्टर नीता राठौर ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की और एक महीने के भीतर उनकी प्रमुख मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। दूसरी ओर, प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि किसानों से तीनों मुख्य मुद्दों उर्वरक आपूर्ति, बिजली व्यवस्था और ट्रैफिक पर सकारात्मक बातचीत हुई है। कृषि विभाग और विद्युत मंडल के अधिकारियों से समन्वय कर समस्याओं के समाधान का खाका तैयार कर लिया गया है। जबलपुर-पाटन मार्ग को ढाई-ढाई मीटर चौड़ा करने की योजना पर काम चल रहा है, जिससे सड़क की चौड़ाई बढ़कर 13-14 मीटर हो जाएगी और ट्रैफिक का दबाव कम होगा। प्रशासन ने दावा किया है कि लगभग एक माह के भीतर सभी व्यवस्थाओं को पूरी तरह सुचारू कर लिया जाएगा।