समाचार · मध्य प्रदेश
नगर पालिका कर्मचारियों की 11 मांगों पर आंदोलन की चेतावनी:शिवपुरी कलेक्ट्रेट में ज्ञापन देकर 5 दिन का दिया अल्टीमेटम
शिवपुरी में नगर पालिका कर्मचारियों ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों के निराकरण की मांग को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस ट्रेड यूनियन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कर्मचारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। कर्मचारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि पांच दिन के भीतर उनकी मांगों का निराकरण नहीं किया गया, तो जिले की सभी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में आंदोलन शुरू किया जाएगा। नियमितीकरण और पदोन्नति की मांग ज्ञापन यूनियन के जिला अध्यक्ष संतोष कोड़े के नेतृत्व में सौंपा गया। इसमें वर्षों से नगर पालिका में कार्यरत कर्मचारियों को शासन और स्थानीय प्रशासन के आदेश के अनुसार नियमित करने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई। इसके अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को स्वास्थ्य निरीक्षक, सफाई दरोगा, ड्राइवर और लिपिक जैसे पदों पर पदोन्नति का लाभ देने और इसके लिए पीआईसी में प्रस्ताव पारित कराने की मांग की गई। NPS और PF की राशि खाते में जमा कराने की मांग कर्मचारियों ने बताया कि उनके वेतन से एनपीएस और पीएफ की राशि काटी जा रही है, लेकिन यह राशि वर्षों से उनके खातों में जमा नहीं की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि इससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने इस राशि को जल्द खातों में जमा कराने की मांग की। समय पर वेतन देने की मांग कर्मचारियों ने वेतन का भुगतान समय पर करने की मांग भी रखी। उनका कहना है कि समय पर वेतन नहीं मिलने से बैंक ऋण की किश्तें जमा करने में परेशानी होती है और इससे उनका सिविल स्कोर भी प्रभावित हो सकता है। त्योहारों से पहले एडवांस की मांग ज्ञापन में त्योहारों से पहले ग्रेन एडवांस और फेस्टिवल एडवांस देने की मांग भी शामिल है। कर्मचारियों के अनुसार स्थाई कर्मचारियों को 10 हजार रुपए और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को 5 हजार रुपए का एडवांस दिया जाता रहा है। उन्होंने यह सुविधा समय पर उपलब्ध कराने की मांग की। वर्दी, रेनकोट और बीमा सुविधा कर्मचारियों ने सभी कर्मचारियों को वर्दी, वर्षाती (रेनकोट) और बीमा सुविधा देने की मांग की। उनका कहना है कि नगर पालिका के कर्मचारी बारिश और अन्य परिस्थितियों में मैदानी स्तर पर काम करते हैं, इसलिए उन्हें आवश्यक सुरक्षा सुविधाएं मिलनी चाहिए। मृत्यु पर परिवार को सहायता और नौकरी ड्यूटी के दौरान आकस्मिक मृत्यु होने वाले मस्टर कर्मचारियों के परिवारों के लिए भी मांग रखी गई। इसमें शासन के नियमानुसार अंतिम संस्कार की राशि, 2 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति और परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग शामिल है। ESIC कार्ड और अन्य सुविधाओं की मांग सभी कर्मचारियों को ईएसआईसी कार्ड उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में की गई। इसके अलावा वाहन चालकों को उनके मूल पद पर ही पदस्थ रखने, 10 वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को विनियमित करने और शारीरिक रूप से काम करने में असमर्थ स्थाई कर्मचारियों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग रखी गई। ऑनलाइन हाजिरी खत्म करने की मांग चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन हाजिरी व्यवस्था समाप्त कर रजिस्टर के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने की मांग भी की गई। कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांगों को लेकर पहले भी कई बार समझौते और लिखित आश्वासन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। पांच दिन में समाधान नहीं तो आंदोलन कर्मचारियों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि पांच दिन के भीतर मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो जिले की सभी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में आंदोलन शुरू किया जाएगा। യൂണियन ने शासन और प्रशासन से सभी मांगों का जल्द निराकरण कराने की मांग की है।