समाचार · मध्य प्रदेश
जबसे जन विश्वास अभियान शुरू, उसी दिन से आंदोलन:26 अक्टूबर को कर्मचारियों का प्रदेश स्तर पर आंदोलन, इसके पहले जिला और संभाग स्तर पर करेंगे प्रदर्शन
जब सात अगस्त से राज्य सरकार प्रदेश भर मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान शुरू करेगी, उसी दिन से प्रदेश के कर्मचारी जिला स्तर पर आंदोलन की शुरुआत करेंगे। इसमें दो माह तक चरणबद्ध आंदोलन करने के बाद 26 अक्टूबर को प्रदेश व्यापी आंदोलन किया जाएगा। इसमें 2010 के पहले नियुक्त शिक्षकों को पात्रता परीक्षा से छूट दिए जाने के साथ पदोन्नति संबंधी समस्याओं का समाधान किए जाने और कर्मचारियों अधिकारियों की लंबित मांगों को पूरा कराने के लिए प्रमुख मांग शामिल हैं। मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लंबित मांगों और समस्याओं के निराकरण को लेकर मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपते हुए चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। संघ का कहना है कि कई बार ज्ञापन और मांग पत्र देने के बावजूद कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों में व्यापक असंतोष व्याप्त है। संघ द्वारा जारी पत्र के अनुसार आंदोलन की शुरुआत 7 अगस्त 2026 से जिला स्तर पर होगी, जहां कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को धरना देकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद 8 सितंबर 2026 को संभाग स्तर पर कमिश्नर के माध्यम से धरना-प्रदर्शन एवं ज्ञापन दिया जाएगा। वहीं 26 अक्टूबर 2026 को प्रदेश स्तर पर विशाल रैली आयोजित कर मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर भी कर्मचारी संघ ने 1 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक सभी संसदीय क्षेत्रों में सांसदों के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन देने का निर्णय लिया है। इस दौरान 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी परीक्षा से छूट देने की मांग प्रमुख रूप से उठाई जाएगी। संघ का आरोप है कि कर्मचारियों के हित से जुड़े कई निर्णय लंबित हैं और कुछ मामलों में कर्मचारी विरोधी आदेश जारी किए जा रहे हैं। पत्र में विशेष रूप से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति में सीपीसीटी परीक्षा को अनावश्यक बाधा बताया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर समयबद्ध अमल नहीं होने, स्वास्थ्य बीमा, दो संतान संबंधी प्रावधान तथा कर्मचारी हितों से जुड़े अन्य मामलों में भी देरी का आरोप लगाया गया है। मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री जितेन्द्र सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने समय रहते कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो घोषित कार्यक्रम के अनुसार चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।