Wednesday, 7 October 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

समाचार · गुजरात

Ahmedabad: एआइ कैमरों से निगरानी में रहेंगे शहर के गरबा आयोजन स्थल

INT News6 October 2026 at 10:37 pm

Ahmedabad. शहर सहित पूरे गुजरात में 11 अक्टूबर से नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। ऐसे में नौ दिनों तक जगह-जगह गरबे की रंगत देखने को मिलेगी। शहर पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने बड़े कमर्शियल गरबा के आयोजकों-प्रबंधकों के लिए मंगलवार को 32 मुद्दों के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस बार गरबा मैदान पर एआइ (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। प्रवेश द्वार से लेकर मुख्य मैदान तक एआइ बेस्ड हाइ डेफिनेशनल वाले सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य है। थाने में यह जानकारी भी देनी होगी कि मैदान में कहां-कहां और कितने कैमरे लगाए गए हैं। मैदान की चारों दिशाओं में 4 वॉच टावर लगाने अनिवार्य हैं। इन वॉच टावर से प्रतिदिन का वीडियो रिकॉर्डिंग करना होगा। दिन के समय भी कम से कम एक वॉच टावर पर 24 घंटे सुरक्षा रखनी। गरबा ग्राउंड्स पर खाने-पीने के शौकीन लोगों की सेहत से कोई खिलवाड़ न हो, इसके लिए आयोजकों को मनपा के अलावा शहर पुलिस ने भी फूड स्टॉल आवंटित करने से पहले संचालक को भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य रूप से जांचने को कहा है। स्टॉल पर स्वच्छता, शुद्ध पेयजल और कचरे के सही निपटान की जिम्मेदारी भी आयोजकों की ही होगी। प्रवेश द्वार पर ब्रेथ एनलाइजर से जांच, सामान रखने की व्यवस्था गरबा स्थल के प्रवेश द्वार पर डोर फ्रेम/हैंड मेटल डिटेक्टर और ब्रेथ एनालाइजर से जांच करनी जरूरी है। गेट पर बैग रखने और उसका टोकन देने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। नशे की हालत में पाए जाने वाले व्यक्तियों की जानकारी पुलिस को देनी होगी। आपातकालीन निकास, एम्बुलेंस की तैनाती और दिव्यांगों व बुजुर्गों के लिए व्हीलचेयर, रैंप और अलग पार्किंग की सुविधा करनी होगी। कार्यक्रम की शुरुआत, मध्य या अंत में "रोड सेफ्टी एंथम" बजाने को कहा है। पार्किंग, सुरक्षा की व्यवस्था और स्ट्रक्चर, लाइट न जाए उसके लिए जनरेटर की भी व्यवस्था करनी होगी। ग्रामीण क्षेत्र में गरबा आयोजकों को रोजाना जमा करना होगा सेफ्टी सर्टिफिकेट अहमदाबाद. नवरात्रि गरबा महोत्सव को सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस और जिला प्रशासन ने भी कमर कसी है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) ओमप्रकाश जाट की प्रमुख गरबा आयोजकों के साथ समीक्षा बैठक करने के बाद 28 बिंदुओं का दिशा-निर्देश जारी किया है। इसमें बड़े आयोजकों को पुलिस और एसडीएम (प्रांत अधिकारी) से अनुमति प्राप्त करनी होगी। प्रत्येक गरबा स्थल का संबंधित पुलिस स्टेशन द्वारा सुरक्षा ऑडिट किया जाएगा। अग्निशामक उपकरण, सक्षम अधिकारी की फायर एनओसी और स्वीकृत इलेक्ट्रिकल ठेकेदार का बिजली सुरक्षा प्रमाण पत्र देना होगा। स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी के लिए प्रमाण पत्र जरूरी है। गरबा स्थल पर प्रति व्यक्ति 1 वर्ग मीटर की गणना के आधार पर क्षमता तय होगी। क्षमता से ज्यादा लोगों को प्रवेश देने पर रोक है। क्षमता से अधिक लोगों के प्रवेश पर भी ड्रोन से नजर रखी जोगी। सभी कमर्शियल गरबा स्थलों पर पुलिस, फायर और मेडिकल टीमों की संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित होगी। आयोजकों को फायर, बिजली और स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी का प्रमाण पत्र प्रतिदिन स्थानीय पुलिस स्टेशन में जमा कराना होगा। प्रत्येक कॉमर्शियल गरबा स्थल पर पुलिस हेल्प डेस्क, महिला व बाल हेल्प डेस्क, 30 दिनों के रिकॉर्डिंग बैकअप वाला सीसीटीवी कंट्रोल रूम और मेडिकल टीम पूरे समय मौजूद रहेगी। गरबा स्थलों पर अलग प्रवेश लाइन, महिला बाउंसर और पर्याप्त महिला सुरक्षा गार्ड (प्रति 100 व्यक्तियों पर 1 गार्ड) तैनात करने होंगे।