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INDIA Bloc Protest : लंच से हिरासत और रिहाई तक, 7 अक्टूबर को दिल्ली प्रदर्शन में कब-कब क्या हुआ?

INDIA Bloc Protest : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के विरोध में 7 अक्टूबर को दिल्ली में INDIA ब्लॉक के सांसदों ने प्रदर्शन किया. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसद जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया. इसके बाद कई घंटे तक नोकझोंक, धरना और हिरासत का दौर चला. आइए जानते हैं, राहुल गांधी की हिरासत से लेकर रिहाई तक कब-कब क्या हुआ.
दोहपर 1:30 बजे : विपक्षी नेताओं का लंच
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बुलावे पर विपक्षी नेता और सांसद दिल्ली के जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में जुटे. यहां जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन को लेकर रणनीति पर चर्चा हुई. इसके बाद सभी नेता प्रदर्शन के लिए रवाना होने की तैयारी करने लगे.
दोपहर 3 से 4 बजे : राहुल गांधी का ऐलान
लंच के बाद राहुल गांधी ने मीडिया से बात की. उन्होंने चुनाव आयोग और सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष ज्ञानेश कुमार को वैध मुख्य चुनाव आयुक्त ही नहीं मानता. उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए जंतर-मंतर पर धरना देने का ऐलान किया.
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राहुल ने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज मामलों से वह डरने वाले नहीं हैं. उन्होंने कहा- "मेरे ऊपर 45 FIR हैं, 100 भी हो जाएं तो फर्क नहीं पड़ता."
करीब 4 बजे: बसों से जंतर-मंतर के लिए निकले सांसद
इसके बाद INDIA ब्लॉक के करीब 300 सांसद तीन बसों में सवार होकर जंतर-मंतर के लिए रवाना हुए. राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे भी बस में साथ बैठे नजर आए.
लेकिन जंतर-मंतर पहुंचने से पहले ही पुलिस ने बसों को रोक दिया. प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में भारी सुरक्षा और बैरिकेडिंग की गई थी.
शाम 4 से 5 बजे: पुलिस ने रोका रास्ता
पुलिस की रोक के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और दूसरे विपक्षी सांसद बसों से उतर गए. उन्होंने पैदल जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी.
इस दौरान सांसदों और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई. विपक्षी नेताओं ने पुलिस पर धक्का-मुक्की करने के आरोप भी लगाए.
शाम 5 बजे के बाद: सड़क पर शुरू हुआ धरना
जब सांसदों को आगे नहीं बढ़ने दिया गया तो विरोध प्रदर्शन सड़क पर ही शुरू हो गया. राहुल गांधी और दूसरे नेता वहीं बैठ गए. विपक्षी सांसदों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR को लेकर अपनी मांगें दोहराईं.
प्रदर्शन के बीच प्रियंका गांधी वाड्रा हाथ में संविधान की प्रति लेकर सड़क पर लेट गईं. उनका यह प्रदर्शन भी पूरे घटनाक्रम का प्रमुख हिस्सा रहा.
शाम करीब 6 बजे: राहुल गांधी समेत कई नेता हिरासत में
प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, डेरेक ओ'ब्रायन, इमरान प्रतापगढ़ी समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया.
राहुल गांधी को पुलिस बस में बैठाकर बाराखंभा रोड पुलिस स्टेशन ले जाया गया. वहीं प्रियंका गांधी को छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया.
राहुल गांधी को ले जा रही पुलिस बस को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रोकने की कोशिश भी की. इसके बाद पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी.
शाम 7 बजे के बाद: प्रियंका गांधी रिहा
हिरासत में लिए जाने के करीब एक घंटे बाद प्रियंका गांधी को रिहा कर दिया गया. इसके बाद राहुल गांधी समेत बाकी नेताओं की रिहाई का इंतजार रहा.
इस दौरान कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के नेताओं ने प्रदर्शन जारी रखने और SIR के मुद्दे पर सरकार तथा चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी मुहिम आगे बढ़ाने की बात कही.
देर शाम: राहुल गांधी भी हिरासत से बाहर
कुछ समय बाद राहुल गांधी को भी बाराखंभा रोड पुलिस स्टेशन से रिहा कर दिया गया. हिरासत से बाहर आने के बाद विपक्षी नेताओं ने कहा कि वे कथित ‘वोट चोरी’ और SIR के खिलाफ अपना अभियान जारी रखेंगे.
8 अक्टूबर को देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान
राहुल गांधी की रिहाई के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ. कांग्रेस और INDIA ब्लॉक ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में 8 अक्टूबर को देशभर में प्रदर्शन करने का ऐलान किया.
इस तरह 7 अक्टूबर का प्रदर्शन लंच में हुई रणनीति बैठक से शुरू होकर बसों के रुकने, सड़क पर धरने, पुलिस से नोकझोंक, राहुल गांधी और अन्य नेताओं की हिरासत और फिर रिहाई तक पहुंचा. पूरे घटनाक्रम के दौरान SIR और ‘वोट चोरी’ का मुद्दा विपक्ष के विरोध के केंद्र में रहा.
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