Monday, 17 August 2026
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इसड़ू रैलियों में पहली बार इस्तेमाल हुआ FRS सिस्टम:CCTV और लाइव कैमरों से जोड़ा; वांछित व्यक्ति का चेहरा मिलते ही डैशबोर्ड पर अलर्ट

INT News17 August 2026 at 06:30 am

गोवा मुक्ति संग्राम के शहीद मास्टर करनैल सिंह इसरू की याद में गांव इसड़ू में आयोजित राज्य स्तरीय शहीदी समारोह में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए खन्ना पुलिस ने पहली बार फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) का इस्तेमाल किया। दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान संदिग्ध लोगों की पहचान के लिए इस तकनीक के इस्तेमाल के बाद अब खन्ना पुलिस ने भी बड़े सार्वजनिक आयोजन में इसे सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाया। समारोह स्थल पर लाइव कैमरों से निगरानी

समारोह में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के साथ राजनीतिक और सामाजिक नेताओं की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। इसी व्यवस्था के तहत FRS को CCTV कैमरों और लाइव कैमरा फीड से जोड़ा गया। कैमरों की नजर में आने वाले चेहरों को सिस्टम लगातार स्कैन करता रहा और उन्हें पुलिस के डेटाबेस में मौजूद संदिग्ध व वांछित लोगों के चेहरों से मिलाया गया। पहले अपलोड होती है वांछित व्यक्ति की जानकारी

खन्ना पुलिस द्वारा विकसित इस सिस्टम में किसी वांछित व्यक्ति की तस्वीर और उससे संबंधित जानकारी पहले अपलोड की जाती है। इसके बाद सिस्टम उस चेहरे की विशेषताओं का 512-डायमेंशनल फेस एंबेडिंग तैयार करता है। समारोह स्थल पर लगे कैमरों से मिलने वाले चेहरों को इसी डेटा से मिलाकर संभावित मैच तलाशे जाते हैं। चेहरा मिलते ही पुलिस को मिलता है अलर्ट

खन्ना के SSP के अनुसार, अगर लाइव कैमरा फीड में किसी व्यक्ति का चेहरा डेटाबेस में मौजूद किसी व्यक्ति से संभावित रूप से मैच करता है तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करता है। अलर्ट में संबंधित व्यक्ति का नाम, मैच प्रतिशत, लोकेशन, तारीख और समय जैसी जानकारी दिखाई देती है। हर डिटेक्शन को केंद्रीय डैशबोर्ड पर रिकॉर्ड किया जाता है। इससे समारोह स्थल पर तैनात पुलिसकर्मी संभावित मैच को वास्तविक समय में देख और उसकी पुष्टि कर सकते हैं। कार्रवाई से पहले पुलिस करती है वेरिफिकेशन

FRS को केवल निगरानी की अतिरिक्त व्यवस्था के तौर पर इस्तेमाल किया गया। सिस्टम की ओर से अलर्ट मिलने के बाद पुलिस अधिकारी संबंधित व्यक्ति की आगे जांच और पहचान की पुष्टि कर सकते हैं। इसके बाद ही आवश्यक कार्रवाई की जाती है। बैरिकेडिंग से लेकर वाहनों की चेकिंग तक सुरक्षा घेरा FRS के अलावा समारोह में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पुलिस ने बैरिकेडिंग, वाहनों की चेकिंग और संदिग्ध लोगों की निगरानी के लिए अलग-अलग स्थानों पर कर्मचारियों की तैनाती की थी। पुलिस ने समारोह स्थल के साथ-साथ आसपास के इलाकों में भी सुरक्षा पर नजर रखी। बड़ी भीड़ में तकनीक को बताया उपयोगी

SSP के मुताबिक, बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भारी भीड़ के बीच प्रत्येक व्यक्ति की पारंपरिक तरीके से पहचान और निगरानी करना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में FRS पुलिस को निगरानी की एक अतिरिक्त परत उपलब्ध कराता है। इससे संदिग्ध या वांछित व्यक्ति की पहचान के संभावित संकेत मिलने पर पुलिस तुरंत उसकी जांच कर सकती है। समारोह शांतिपूर्वक संपन्न

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और तकनीक आधारित निगरानी के बीच इसरू में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। पुलिस के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान कोई बड़ी घटना नहीं हुई और आम लोगों को भी किसी तरह की बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।