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CA से 21.05 करोड़ की ऑनलाइन ठगी में बड़ा खुलासा:इसी पैसे से चुनाव लड़कर मंत्री बनना चाहता था जिला पंचायत सदस्य,खाता किराए पर देकर कमीशन लिया
मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी ऑनलाइन ठगी के मामले में गिरफ्तार शाजापुर के जिला पंचायत सदस्य जगदीश मालवीय ठगी के पैसों से विधानसभा का चुनाव लड़कर विधायक और फिर मंत्री बनना चाहते थे। पुलिस पूछताछ में मालवीय ने यह खुलासा किया है। मालवीय ने बताया कि उसने अपना बैंक खाता अंकित वर्मा को किराए पर दिया था। इसके बदले उसे मोटा कमीशन मिलता था। पुलिस के मुताबिक मालवीय के बैंक खाते में पिछले कुछ महीनों में 2.93 करोड़ रुपए आए थे। इनमें से करीब 50 लाख रुपए ग्वालियर के सीए अशोक विजयवर्गीय से हुई 21.05 करोड़ रुपए की ठगी से जुड़े हैं। बाकी 2.43 करोड़ रुपए भी अलग-अलग ठगी के मामलों से आने की आशंका है। राज्य साइबर जोन पुलिस अब यह पता लगा रही है कि 50 लाख रुपए के अलावा मालवीय के खाते में आई बाकी रकम किन-किन ठगी के मामलों से जुड़ी है और इसके पीछे कौन लोग हैं। खाता किराए पर दिया, हर ट्रांजेक्शन पर कमीशन पुलिस के अनुसार जिला पंचायत सदस्य ने अपना बैंक अकाउंट साइबर ठगी के लिए उपलब्ध कराया था। आरोपी अंकित वर्मा और उसके नेटवर्क के लोग इस तरह के म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने के लिए करते थे। जांच में मालवीय के खाते में करोड़ों रुपए के ट्रांजेक्शन सामने आने के बाद पुलिस अब खाते से जुड़े सभी लेन-देन और संबंधित बैंक खातों की जांच कर रही है। ठगी के पैसों से बड़ा गैराज खोलना चाहता था इस मामले में गिरफ्तार दूसरा आरोपी रतलाम निवासी अंकित वर्मा है। पुलिस के अनुसार उसे सागर जिले से गिरफ्तार किया गया है। वह मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीई कर चुका है और मशीनों की अच्छी जानकारी रखता है। अंकित का रतलाम में कार गैराज है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि उसका सपना मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा कार गैराज खोलने का था। आरोप है कि वह साइबर ठगों के लिए म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध कराता था। पुलिस के अनुसार उसने भी ठगी की रकम से अपना गैराज बड़ा करने की बात स्वीकार की है। फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म बनाकर CA को फंसाया सीनियर चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय ने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें वॉट्सएप के जरिए 'Tradecboeus' नाम के प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग में निवेश करने के लिए तैयार किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने निवेशकों को फंसाने के लिए इसी नाम से फर्जी वेब पोर्टल बनाया था। पोर्टल पर ट्रेडिंग का ग्राफ जानबूझकर बढ़ता-घटता दिखाया जाता था, जिससे निवेशक को मुनाफा होने का भरोसा रहे और वह लगातार रकम लगाता जाए। पुलिस के अनुसार यह फर्जी प्लेटफॉर्म विदेशी IP से संचालित किया जा रहा था। आरोपियों के झांसे में आकर अशोक विजयवर्गीय ने 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपए निवेश कर दिए। जब उन्होंने रकम निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने इनकम टैक्स के नाम पर 10 करोड़ रुपए और मांगे। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत की। 76 खातों में 106 बार ट्रांजेक्शन पुलिस जांच में सामने आया कि सीए ने अलग-अलग 76 बैंक खातों में 106 बार ट्रांजेक्शन किए थे। इसके बाद रकम करीब 15 अलग-अलग लेयर से गुजरते हुए 20 हजार से अधिक बैंक खातों तक पहुंची। शुरुआती जांच में ठगी की करीब 35 प्रतिशत राशि दक्षिण भारत के अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब इन खातों और रकम के अंतिम लाभार्थियों की जानकारी जुटा रही है। मालवा से दक्षिण भारत तक फैला नेटवर्क पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस को साइबर ठगी के इस नेटवर्क के मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र के अलावा बिहार, झारखंड, तमिलनाडु और कर्नाटक तक फैले होने की जानकारी मिली है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस अब इनकी भूमिका की जांच कर रही है। APK फाइल से ऑटो-फॉरवर्ड होता था OTP आरोपी बिहार और मध्य प्रदेश में जाकर मोबाइल में APK फाइल एक्टिवेट करते थे। इसके बाद बैंकों से आने वाले सभी OTP अपने आप ऑटो-फॉरवर्ड होकर मुख्य हैंडलर के पास पहुंच जाते थे। खाता धारक को 2% कमीशन गिरोह ने फरियादी के पैसे को अलग-अलग राज्यों के दर्जनों बैंक खातों में ट्रांसफर किया। आरोपी जगदीश का खाता देश के 6 अलग-अलग राज्यों के लोगों से ठगी करने में इस्तेमाल पाया गया है, जिसके बदले उसे हर ट्रांजेक्शन पर 2% कमीशन मिलता था। डीएसपी राज्य साइबर जोन संजीव नयन शर्मा के अनुसार मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों से पूछताछ जारी है और पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। जल्द ही नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1. 21 करोड़ की साइबर ठगी में भाजपा नेता की गिरफ्तारी 21 करोड़ से ज्यादा की साइबर ठगी के मामले में शाजापुर जिला पंचायत सदस्य एवं भाजपा नेता जगदीश मालवीय उर्फ फौजी की गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। गुरुवार को कालापीपल के पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता कुणाल चौधरी ने मामले में भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग की। पढ़ें पूरी खबर… 2. ग्वालियर राज्य साइबर पुलिस का बड़ा एक्शन मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी साइबर ठगी (21.05 करोड़) के मामले में ग्वालियर राज्य साइबर जोन पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले में पुलिस ने रतलाम से मैकेनिकल इंजीनियर अंकित वर्मा को गिरफ्तार किया है। दो दिन पहले पुलिस ने उज्जैन के शाजापुर का जिला पंचायत सदस्य जगदीश मालवीय उर्फ फौजी को गिरफ्तार किया है। पढ़ें पूरी खबर…