Friday, 4 September 2026
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सिलीगुड़ी कॉरिडोर में बनेंगे 3 बड़े पुल, 5 एलीफैंट अंडरपास, मोदी सरकार ने दिये 2077 करोड़

INT News4 September 2026 at 08:47 am

रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी कॉरिडोर के पास कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने अहम फैसला लिया है. दार्जिलिंग जिले में एनएच-327 के 31.02 किलोमीटर लंबे बागडोगरा-पानीटंकी-खारीबाड़ी-गलगलिया खंड को फोरलेन में बदलने के लिए 2,077.18 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गयी है.

3 बड़े पुल, 5 एलीफैंट अंडरपास बनेंगे

केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि परियोजना के तहत 3 बड़े पुल, एक रोड ओवरब्रिज (आरओबी), 5 एलीफैंट अंडरपास व सड़क के दोनों ओर सर्विस रोड का निर्माण किया जायेगा.

सिलीगुड़ी कॉरिडोर के साथ पूर्वोत्तर की कनेक्टिविटी होगी मजबूत

नितिन गडकरी ने कहा कि रणनीतिक रूप से अहम सिलीगुड़ी कॉरिडोर के निकट यह परियोजना पूर्वोत्तर भारत के साथ संपर्क को मजबूत करेगी. इसके साथ ही नेपाल, भूटान और बांग्लादेश तक पहुंच भी बेहतर होगी. परियोजना का उद्देश्य लोगों और वन्यजीवों, दोनों के लिए सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है.

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बागडोगरा से पानीटंकी तक यातायात का दबाव होगा कम

फोरलेन सड़क बनने से बागडोगरा, नक्सलबाड़ी, खारीबाड़ी और पानीटंकी में यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है. इससे बागडोगरा एयरपोर्ट समेत क्षेत्र के प्रमुख केंद्रों तक पहुंच आसान होगी. बेहतर सड़क संपर्क से कृषि, बागवानी, चाय और अन्य स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक तेजी से पहुंचाने में भी मदद मिलेगी.

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उत्तर बंगाल में इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर

यह घोषणा ऐसे समय हुई है, जब उत्तर बंगाल में आधारभूत ढांचे और कनेक्टिविटी को मजबूत करने की मांग लगातार उठती रही है. राज्य सरकार की ओर से भी क्षेत्र में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास पर जोर दिया जा रहा है. उत्तर बंगाल के विकास के संदर्भ में चाय, लकड़ी और पर्यटन को प्रमुख क्षेत्र माना जाता है. बेहतर सड़क और परिवहन नेटवर्क से इन क्षेत्रों में निवेश, कारोबार और पर्यटन को गति मिलने की उम्मीद है.

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