समाचार · मध्य प्रदेश
बरने नदी उफान पर, झींक बिजुरी-केल्हारी संपर्क टूटा:पुल के ऊपर बह रहा पानी, पुलिस ने रोका आवागमन; एमपी-छत्तीसगढ़ का अंदरूनी रास्ता बंद
शहडोल जिले में लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। जैतपुर तहसील के कोलमी गांव में बरने नदी उफान पर है। नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने के कारण झींक बिजुरी और छत्तीसगढ़ के केल्हारी के बीच संपर्क टूट गया है। यह रास्ता मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला अंदरूनी मार्ग है। पानी बढ़ने के बाद प्रशासन और पुलिस ने पुल से आवागमन पूरी तरह रोक दिया है। दोनों राज्यों की सीमा पर है बरने नदी बरने नदी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित है। नदी के एक तरफ शहडोल जिले का जैतपुर थाना क्षेत्र है, जबकि दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ का केल्हारी थाना क्षेत्र आता है। लगातार बारिश के बाद नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और पानी पुल के ऊपर पहुंच गया। इसके बाद इस मार्ग से दोनों राज्यों के बीच आने-जाने का सिलसिला बंद हो गया है। पुल के दोनों तरफ पुलिस तैनात हालात को देखते हुए पुल पर पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिसकर्मी पुल के दोनों तरफ लोगों को रोक रहे हैं, ताकि कोई तेज बहाव के बीच पुल पार करने की कोशिश न करे। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और नदी के पुल से आवागमन नहीं करने की अपील की है। पानी का बहाव तेज होने के कारण पुल पार करना जोखिम भरा हो सकता है। छोटे रास्तों और पुल-पुलियों पर भी पानी जिले में लगातार बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में कई छोटे रास्तों और पुल-पुलियों पर पानी आने से आवागमन प्रभावित हुआ है। बरने नदी का जलस्तर बढ़ने से सबसे ज्यादा परेशानी झींक बिजुरी और केल्हारी के बीच आने-जाने वाले लोगों को हो रही है। रास्ता बंद होने के कारण लोगों को फिलहाल दूसरे मार्गों से आवागमन करना पड़ रहा है। पानी कम होने के बाद ही सामान्य होगा आवागमन बरने नदी में पानी बढ़ने के बाद प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पुलिस की तैनाती कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पानी कम होने तक कोई भी व्यक्ति जोखिम लेकर पुल पार न करे। नदी का जलस्तर कम होने और पुल के ऊपर से पानी हटने के बाद ही इस मार्ग पर आवागमन सामान्य होने की उम्मीद है।