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जानकी सेना ने निकाली पदयात्रा, कलेक्टर को दिया ज्ञापन:मां जानकी प्राकट्योत्सव दिवस घोषित करने की मांग
शिवपुरी में मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय जानकी सेना संगठन ने मांग पदयात्रा निकाली। यह पदयात्रा ‘मां जानकी प्राकट्योत्सव दिवस घोषित हो’ राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत आयोजित की गई। पदयात्रा मां जानकी लवकुश पार्क, पोलो ग्राउंड से शुरू हुई। यह कोर्ट रोड, माधव चौक, गुरुद्वारा, राजेश्वरी रोड और तात्या टोपे मार्ग से होते हुए वापस पोलो ग्राउंड पहुंची। इसके बाद संगठन के सदस्यों ने जिलाधीश कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति, राज्यपाल, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। सीता नवमी को प्राकट्योत्सव दिवस घोषित करने की मांग ज्ञापन में संगठन के पदाधिकारियों ने मध्य प्रदेश में वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी, जिसे सीता नवमी भी कहा जाता है, को ‘मां जानकी प्राकट्योत्सव दिवस’ घोषित करने की मांग की। संगठन का तर्क है कि माता सीता भारतीय नारी शक्ति, सम्मान, संस्कार और त्याग की प्रेरणास्रोत हैं। इसलिए उनके प्राकट्योत्सव को प्रदेश स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया जाना चाहिए। शिवपुरी से शुरू हुआ अभियान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रम सिंह रावत ने बताया कि इस अभियान की शुरुआत 6 जून 2026 को शिवपुरी से हुई थी। अभियान के पहले चरण में सरकार के सचिवालय को 10 हजार मांग ज्ञापन भेजे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि ई-मेल के माध्यम से भी यह मांग पहुंचाई गई है। अब विभिन्न जिलों में ‘मां सीता सम्मान मांग पदयात्रा’ आयोजित कर कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। चित्रकूट से जुड़ा है अभियान का तर्क रावत ने बताया कि मध्य प्रदेश से अभियान की शुरुआत इसलिए की गई है, क्योंकि भगवान श्रीराम और माता सीता ने वनवास के दौरान चित्रकूट में लगभग साढ़े 11 वर्ष बिताए थे। चित्रकूट आज प्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है। संगठन का मानना है कि सीता नवमी को प्रदेश में आधिकारिक रूप से मनाने की घोषणा से नारी सम्मान और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। महिला इकाई ने भी रखी मांग महिला इकाई की अध्यक्ष श्रीमती अनुषा भटनागर ने कहा कि माता जानकी भारतीय नारी के त्याग, सम्मान और शक्ति का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा नारी शक्ति और महिला उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों के बीच माता सीता की नवमी को प्रदेश स्तर पर घोषित करना महिलाओं के लिए गौरवपूर्ण अवसर होगा। भटनागर ने मांग की कि इस दिन प्रदेश के सभी जिलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कार और संस्कृति से जोड़ा जा सके। एक माह में निर्णय नहीं हुआ तो भोपाल में आंदोलन संगठन ने ज्ञापन में चेतावनी दी है कि यदि एक माह के भीतर सरकार की ओर से मांग पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो आगामी चरण में भोपाल में हजारों जानकी सैनिकों द्वारा विशाल मांग पदयात्रा निकाली जाएगी। संगठन के अनुसार, इसके बाद मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मांग रखी जाएगी। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी दी गई है।