समाचार · मध्य प्रदेश
रीवा में व्यापारी को गोली मारने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार:पुरानी रंजिश में रची थी साजिश; पड़ोसी निकला घटना का मास्टरमाइंड
रीवा की मनगवां बस्ती में घर के बाहर बैठे युवक पर पिस्टल से फायर कर हत्या के प्रयास के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले के मास्टरमाइंड सत्यप्रकाश गुप्ता उर्फ मोन्टी समेत दो विधि विरुद्ध बालकों को सोमवार को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल पिस्टल, बिना नंबर की काले रंग की हीरो मोटरसाइकिल, मैगजीन, कारतूस, भूरे रंग का बैग और काला मास्क बरामद किया गया है। 28 जुलाई की रात घर के बाहर बैठे युवक पर फायरिंग घटना 28 जुलाई की रात करीब 10:50 बजे मनगवां बस्ती के वार्ड क्रमांक 5 में हुई थी। संदीप कुमार गुप्ता उम्र 26 वर्ष अपने घर के बाहर बने चबूतरे पर बैठा हुआ था। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार दो नकाबपोश युवक वहां पहुंचे। बाइक चला रहे युवक ने संदीप से बसेड़ा गांव जाने का रास्ता पूछा। संदीप जब उन्हें रास्ता बताने लगा, तभी पीछे बैठे युवक ने कमर से पिस्टल निकाली और उस पर फायर कर दिया। गोली आंख और नाक के बीच लगी फायरिंग में गोली संदीप की बाईं आंख और नाक के बीच लगी। गोली लगते ही संदीप मौके पर ही गिर गया। घटना के बाद आरोपी मोटरसाइकिल से मौके से भाग निकले। गंभीर रूप से घायल संदीप को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। CCTV और टोल प्लाजा की फुटेज खंगाली मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 431/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1), 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया। अज्ञात आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक गुरु करण सिंह के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। टीम ने मनगवां बस्ती में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही नेशनल हाईवे पर स्थित टोल प्लाजा के कैमरों की फुटेज भी देखी गई। तकनीकी साक्ष्यों और फुटेज की जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले। एक विधि विरुद्ध बालक से पूछताछ में खुला राज जांच के दौरान पुलिस ने एक विधि विरुद्ध बालक को दस्तयाब कर उससे पूछताछ की। पूछताछ में उसने घटना में अपने साथी विधि विरुद्ध बालक और सत्यप्रकाश गुप्ता उर्फ मोन्टी के शामिल होने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी सत्यप्रकाश तक पहुंच बनाई। पुलिस ने सोमवार को सत्यप्रकाश गुप्ता समेत दोनों विधि विरुद्ध बालकों को गिरफ्तार किया। घायल युवक का पड़ोसी है मुख्य आरोपी पुलिस के अनुसार सत्यप्रकाश गुप्ता घायल संदीप कुमार गुप्ता का पड़ोसी है। दोनों के बीच पहले से पुरानी रंजिश चल रही थी। जांच में यह बात भी सामने आई कि पूर्व में सत्यप्रकाश द्वारा संदीप को जान से मारने की धमकी दिए जाने की बात सामने आई थी। पुलिस का कहना है कि इसी पुरानी रंजिश को लेकर सत्यप्रकाश ने संदीप को रास्ते से हटाने की साजिश रची। दो विधि विरुद्ध बालकों को साथ लेकर रची साजिश पुलिस के मुताबिक सत्यप्रकाश गुप्ता ने दो विधि विरुद्ध बालकों को अपने साथ लिया और उनके साथ मिलकर संदीप की हत्या की साजिश रची। योजना के तहत दोनों बाइक से मनगवां बस्ती पहुंचे। दोनों ने चेहरे पर मास्क लगाया हुआ था। मौके पर पहुंचने के बाद बाइक चला रहे युवक ने संदीप से रास्ता पूछा, ताकि बातचीत के बहाने उसके पास पहुंचा जा सके। इसी दौरान पीछे बैठे युवक ने पिस्टल निकालकर संदीप पर फायर कर दिया। आरोपियों की निशानदेही पर हथियार और बाइक बरामद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल सामान बरामद किया है। इसमें बिना नंबर की काले रंग की हीरो मोटरसाइकिल, पिस्टल, एक मैगजीन और कारतूस शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस ने भूरे रंग का बैग और काला मास्क भी जब्त किया है। पुलिस इन सभी सामान को मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य मान रही है। पुरानी रंजिश बनी फायरिंग की वजह एसडीओपी प्रतिभा शर्मा ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। पूछताछ में सामने आया कि पुरानी रंजिश के चलते सत्यप्रकाश गुप्ता ने दो विधि विरुद्ध बालकों के साथ मिलकर संदीप की हत्या की साजिश रची थी। पुलिस के अनुसार इसी साजिश के तहत 28 जुलाई की रात संदीप पर पिस्टल से फायर किया गया था। मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने सत्यप्रकाश गुप्ता उर्फ मोन्टी पिता छोटेलाल गुप्ता उम्र 27 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 5 मनगवां बस्ती को गिरफ्तार किया है। उसके साथ दो विधि विरुद्ध बालकों को भी पकड़ा गया है। पुलिस ने तीनों से पूछताछ कर घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई है। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल पिस्टल, मैगजीन, कारतूस, मोटरसाइकिल, बैग और मास्क भी बरामद किए गए हैं। पुलिस जांच में सामने आई पूरी साजिश पुलिस की जांच में सामने आया कि घटना अचानक नहीं हुई थी, बल्कि इसके पीछे पुरानी रंजिश बताई जा रही है। मुख्य आरोपी ने दो विधि विरुद्ध बालकों को साथ लेकर संदीप पर हमला करने की योजना बनाई। इसके बाद दोनों नकाबपोश मोटरसाइकिल से उसके घर के बाहर पहुंचे और रास्ता पूछने के बहाने उसके करीब गए। फायरिंग के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। अब पुलिस ने सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से मामले का खुलासा करते हुए तीनों आरोपियों को पकड़ लिया है।