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टेढ़े पैरों से जूझ रहे बच्चों को मिली नई उम्मीद:छतरपुर में डॉ. रवि सोनी ने 3 साल में क्लब फुट का सफल इलाज किया, अब हर शुक्रवार लगेगा विशेष कैंप
छतरपुर में जन्मजात क्लब फुट यानी टेढ़े पैर की समस्या से जूझ रहे बच्चों के लिए छतरपुर जिला अस्पताल उम्मीद का केंद्र बन रहा है। पहले जिन परिवारों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, अब उन्हें यह सुविधा जिला अस्पताल में ही मिल रही है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि कुमार सोनी और उनकी टीम पिछले तीन वर्षों में 500 से अधिक बच्चों का सफल उपचार कर चुकी है। शुक्रवार को भी क्लब फुट से पीड़ित दो बच्चों का सफल ऑपरेशन किया गया। दो बच्चों का हुआ सफल ऑपरेशन जिला अस्पताल में शुक्रवार को महाराजपुर निवासी 2 वर्षीय युवान और टीकमगढ़ निवासी महज 3 माह की मोहिनी का क्लब फुट का सफल उपचार किया गया। उपचार के बाद दोनों बच्चों के परिजनों ने राहत की सांस ली। डॉक्टरों के मुताबिक क्लब फुट जन्मजात समस्या है, जिसमें बच्चे के पैर सामान्य स्थिति में नहीं होते। समय पर उपचार मिलने पर इसे ठीक किया जा सकता है और बच्चा सामान्य रूप से चलने-फिरने में सक्षम हो सकता है। इलाज में लग सकते हैं करीब दो महीने डॉ. रवि कुमार सोनी के अनुसार, क्लब फुट के उपचार में करीब दो महीने तक लगातार प्रक्रिया और निगरानी की जरूरत पड़ सकती है। इसमें प्लास्टर और अन्य चिकित्सकीय प्रक्रियाओं के साथ नियमित जांच जरूरी होती है। इलाज के दौरान परिजनों को बच्चे की देखभाल और आवश्यक सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी जाती है, ताकि उपचार का बेहतर परिणाम मिल सके। हर शुक्रवार लगेगा विशेष कैंप क्लब फुट से पीड़ित बच्चों की सुविधा के लिए जिला अस्पताल में हर शुक्रवार विशेष कैंप आयोजित किया जाता है। कैंप में बच्चों की जांच के बाद उनकी स्थिति के अनुसार उपचार शुरू किया जाता है।चिकित्सकीय उपचार के साथ परिजनों को भी पूरी प्रक्रिया के बारे में समझाया जाता है, ताकि वे बच्चे की देखभाल सही तरीके से कर सकें। आसपास के जिलों से भी पहुंच रहे मरीज छतरपुर जिला अस्पताल में क्लब फुट के उपचार की सुविधा मिलने के बाद अब आसपास के जिलों से भी परिवार यहां पहुंच रहे हैं। इससे खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें इलाज के लिए बड़े शहरों में जाने और निजी अस्पतालों में अधिक खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ रही है। देखें तस्वीरें
500 से ज्यादा बच्चों को मिली नई उम्मीद पिछले तीन वर्षों में 500 से अधिक बच्चों का सफल उपचार इस पहल की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। समय पर इलाज मिलने से क्लब फुट से पीड़ित कई बच्चे सामान्य जीवन की ओर बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल की यह सुविधा उन परिवारों के लिए खासतौर पर उम्मीद की किरण बनी है, जो आर्थिक कारणों से अपने बच्चों का इलाज बड़े शहरों में नहीं करा पाते थे।