समाचार · मध्य प्रदेश
5 महीने से पुलिस के पास लंबित थी शिकायत:हाईकोर्ट ने चंदन नगर TI को 60 दिन में कार्रवाई के दिए निर्देश
करीब पांच महीने से पुलिस के पास लंबित शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने के मामले में मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने चंदन नगर पुलिस को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जस्टिस गजेंद्र सिंह ने चंदन नगर थाना टीआई को आदेश दिया है कि याचिकाकर्ता की शिकायत पर उचित कार्रवाई कर उसकी जांच का परिणाम भी उसे बताया जाए। इसके लिए कोर्ट ने प्रमाणित आदेश की प्रति प्राप्त होने से 60 दिन की समयसीमा तय की है। मामले में इकबाल कन्नौदवाला ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट इब्राहिम कन्नौदवाला और शासन की ओर से सरकारी एडवोतेट हेमंत शर्मा ने पक्ष रखा। DCP और टीआई को दी थी शिकायत याचिकाकर्ता ने पुलिस उपायुक्त, जोन-4 इंदौर और चंदन नगर थाना प्रभारी को 31 मार्च 2026 और 29 जून 2026 को शिकायतें दी थीं। शिकायत में कुछ व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 316(2), 296, 308 और 351 के तहत संज्ञेय अपराध किए जाने का आरोप लगाया गया था। याचिकाकर्ता का कहना था कि शिकायत देने के बावजूद करीब पांच महीने तक पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट का रुख कर शिकायत पर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की। इसके समर्थन में राजेंद्र सिंह पवार बनाम मध्यप्रदेश शासन मामले में हाई कोर्ट द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का हवाला दिया गया। शिकायत मिलने पर 15 दिन में प्रारंभिक कार्रवाई जरूरी हाई कोर्ट ने राजेंद्र सिंह पवार मामले में जारी दिशा-निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस को शिकायत मिलने के बाद पहले यह देखना चाहिए कि उसमें कोई संज्ञेय अपराध बनता है या नहीं। जरूरत पड़ने पर प्रारंभिक जांच की जा सकती है। यदि संज्ञेय अपराध सामने आता है तो FIR दर्ज की जानी चाहिए। वहीं, यदि अपराध नहीं बनता है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी देना जरूरी है। कोर्ट के पूर्व निर्देशों के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में शिकायत पर 15 दिन के भीतर कार्रवाई की जानी चाहिए। किसी कारण से इतने समय में कार्रवाई संभव नहीं होने पर अधिकतम 42 दिन में प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए। हर शिकायत की जनरल डायरी में एंट्री जरूरी हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस को प्रत्येक शिकायत सामान्य डायरी में दर्ज कर उसका क्रमांक शिकायतकर्ता को देना चाहिए। पुलिस अधीक्षक को लंबित शिकायतों की निगरानी करनी होगी। यदि कोई शिकायत 42 दिन से अधिक समय तक लंबित रहती है तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने की व्यवस्था भी बताई गई है। आर्थिक अपराधों, खासकर धोखाधड़ी और ठगी की शिकायतों में पुलिस को यह भी स्पष्ट करना होगा कि मामला आपराधिक प्रकृति का है या केवल दीवानी विवाद से जुड़ा है। 60 दिन में कार्रवाई और परिणाम बताने का आदेश मामले के तथ्यों और पूर्व दिशा-निर्देशों को देखते हुए हाई कोर्ट ने याचिका का निराकरण करते हुए चंदन नगर थाना टीआई को शिकायत पर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। यह कार्रवाई प्रमाणित आदेश की प्रति प्राप्त होने से 60 दिन के भीतर करनी होगी। पुलिस को शिकायत की जांच और उस पर की गई कार्रवाई का परिणाम भी याचिकाकर्ता को बताना होगा।