समाचार · मध्य प्रदेश
अमरकंटक में 300 मीटर दायरे में निर्माण पर रोक:कलेक्टर बोले- अवैध दुकानें हटेंगी, मंदिर के टाइल्स को निकालकर पत्थर लगाएंगे
अमरकंटक को उसके वास्तविक, प्राकृतिक और स्वच्छ स्वरूप में बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन कुछ कदम उठाने जा रहा है। शनिवार को नर्मदा समग्र मिशन की समीक्षा बैठक में कलेक्टर रत्नाकर झा ने स्पष्ट किया कि अमरकंटक के पर्यावरण और धार्मिक पवित्रता की रक्षा करना सभी अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। कलेक्टर ने निर्देश जारी किए हैं कि नर्मदा नदी के तट से 300 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के नए निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और सभी तरह के अतिक्रमणों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंदिर परिसर से हटेंगी टाइल्स, लगेगा पारंपरिक पत्थर धार्मिक नगरी के सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई अहम फैसले लिए गए हैं। नर्मदा मंदिर परिसर में बिछाई गई कंक्रीट और टाइल्स को हटाकर अमरकंटक की पहचान के अनुकूल पारंपरिक पत्थर लगाए जाएंगे। श्रद्धालुओं की भीड़ और आपात स्थिति से निपटने के लिए मंदिर में मुख्य प्रवेश द्वार के अलावा एक नया निकासी (एग्जिट) द्वार बनाया जाएगा। मंदिर परिसर के आसपास किसी भी प्रकार की पार्किंग की अनुमति नहीं होगी, ताकि वातावरण शांत और सुगम बना रहे। सीवरेज पर लगाम और महीने में दो बार होगी जल जांच होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से होने वाले प्रदूषण पर चिंता जताते हुए प्रशासन ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। नर्मदा जल की शुद्धता बनाए रखने के लिए पीएचई (PHE) विभाग महीने में दो बार जल परीक्षण करेगा और इसका पूरा रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज होगा। होटल और धर्मशालाओं के दूषित पानी को सीधे नदियों या जल स्रोतों में बहने से रोकने के लिए वाटर ट्रीटमेंट की व्यवस्था अनिवार्य होगी। नई डंपिंग साइट के लिए जमीन चिन्हित की जाएगी और गीले कचरे से कंपोस्ट खाद बनाकर स्थानीय बगीचों में उपयोग किया जाएगा। दुकानें हॉकर्स जोन में जाएंगी, मांस-मदिरा पर पूर्ण प्रतिबंध कपिलधारा, सोनमुड़ा और नर्मदा मंदिर के आसपास से अवैध दुकानें हटाई जाएंगी। हालांकि, छोटे व्यापारियों को राहत देते हुए उन्हें हॉकर्स जोन में पुनर्व्यवस्थित किया जाएगा और 'पीएम स्वनिधि योजना' के तहत वित्तीय सहायता दी जाएगी। नगर पालिका अधिकारियों ने बैठक में पुष्टि की कि अमरकंटक क्षेत्र में मांस और मदिरा की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध है और इसका कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। इसके साथ ही नदी तटों पर फलदार पौधे लगाने, प्रकाश व्यवस्था सुधारने और पर्यटकों के लिए जनसुविधाएं बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अर्चना कुमारी, डीएफओ डेविड व्यंकटराव चनाप, एसडीएम वसीम अहमद भट और नगर पालिका अधिकारी चैन सिंह परस्ते सहित प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।