समाचार · मध्य प्रदेश
मुझरी बांध निर्माण की मांग, ज्ञापन सौंपा:श्योपुर में चार दशक से लंबित परियोजना जल्द शुरू करें
श्योपुर में मुझरी बांध संघर्ष समिति और क्षेत्र के किसानों ने बुधवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने परियोजना का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने, लंबित स्टेज-2 स्वीकृति प्रक्रिया पूरी कराने और परियोजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की मांग की। इस दौरान विधायक बाबू जंडेल भी उपस्थित थे। किसानों ने बताया कि मुझरी बांध बड़ौदा-कराहल क्षेत्र सहित आसपास के करीब 35 से 40 गांवों के लिए एक महत्वपूर्ण और वर्षों पुरानी मांग है। परियोजना से क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि मुझरी बांध की मांग लगभग चार दशक से लंबित है। वर्ष 2018 में परियोजना के लिए लगभग 415 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली थी, जिससे किसानों को परियोजना के जल्द शुरू होने की उम्मीद थी। इसके बाद, वर्ष 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने परियोजना का शिलान्यास भी किया था। हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद निर्माण कार्य अपेक्षित गति से प्रारंभ नहीं हो सका है। प्रस्तावित परियोजना से लगभग 11,575 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने और करीब 200 गांवों को पेयजल उपलब्ध होने का अनुमान है। परियोजना के लंबे समय से लंबित रहने पर किसानों ने चिंता व्यक्त की है। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि वन एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियों की प्रक्रिया में अब सकारात्मक प्रगति देखी जा रही है। परियोजना के लिए लगभग 740.159 हेक्टेयर वन भूमि प्रभावित होने की जानकारी भी दी गई है। किसानों की मांग- जल्द पूरी करें प्रक्रिया किसानों ने मांग की है कि स्टेज-2 की लंबित स्वीकृति सहित सभी आवश्यक विभागीय और प्रशासनिक प्रक्रियाएं जल्द से जल्द पूरी की जाएं। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि निर्माण कार्य शुरू करने की एक स्पष्ट समय-सीमा तय की जाए और इसकी जानकारी किसानों को दी जाए। प्रभावित वन भूमि और किसानों से जुड़े मामलों का पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से निराकरण करने की मांग भी रखी गई। ज्ञापन में परियोजना की वर्तमान स्थिति, लंबित स्वीकृतियों, निर्माण एजेंसी और निर्माण कार्य शुरू होने की संभावित तिथि की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने की अपील की गई। किसानों ने स्पष्ट किया कि वे प्रशासन के विरोध में नहीं हैं। उनका उद्देश्य अपनी वर्षों पुरानी मांग को लोकतांत्रिक तरीके से मजबूती से प्रस्तुत करना है। समिति ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय-सीमा में निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो क्षेत्र के किसान चरणबद्ध तरीके से व्यापक एवं शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन करेंगे। किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि समय-सीमा तय कर धरातल पर काम शुरू कराया जाए।