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बिजली कटौती विरोध पर कार्रवाई, ग्रामीणों का तहसील में धरना:शिवपुरी में चक्काजाम के बाद दर्ज केस रद्द करने और निष्पक्ष जांच की मांग
शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के सिरसौद और आसपास के गांवों में लंबे समय से जारी बिजली कटौती के विरोध में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया था। अब वे अपने खिलाफ की गई शांति भंग की कार्रवाई के विरोध में सामने आए हैं। शनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने करैरा तहसील परिसर के बाहर धरना दिया और कार्रवाई रद्द करने की मांग की। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की। सिरसौद सरपंच अतर सिंह लोधी के अनुसार, गांव में दिन-रात लगातार बिजली कटौती हो रही थी। इस समस्या से विद्युत कंपनी के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद ग्रामीणों ने 27 जुलाई को सिरसौद-पिछोर मार्ग पर शांतिपूर्ण तरीके से चक्का जाम किया था। सरपंच लोधी ने बताया कि यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था। एम्बुलेंस और अन्य सरकारी वाहनों को बिना किसी बाधा के निकलने दिया गया था, जिसके वीडियो भी ग्रामीणों के पास उपलब्ध हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जनहित में किए गए इस आंदोलन के बावजूद पुलिस ने कुछ युवकों को हस्ताक्षर कराने के बहाने बुलाकर उनके खिलाफ शांति भंग की धाराओं में कार्रवाई कर दी। ग्रामीणों ने कार्रवाई को अनुचित बताया
ग्रामीणों का कहना है कि यदि विद्युत कंपनी ने समय पर बिजली आपूर्ति की समस्या का समाधान किया होता, तो चक्का जाम की स्थिति उत्पन्न नहीं होती। उनका तर्क है कि आंदोलनकारियों पर कार्रवाई करना अनुचित है, जबकि इस पूरे घटनाक्रम के लिए विद्युत कंपनी की लापरवाही जिम्मेदार है। धरने के दौरान ग्रामीणों ने मांग की कि शांति भंग की कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की जाए और उसे निरस्त किया जाए। साथ ही, चक्का जाम में शामिल किसी भी ग्रामीण के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।