समाचार · छत्तीसगढ़
युवाओं का गुस्सा सरकार की विफलता का परिणाम:शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का जंतर-मंतर आंदोलन, Gen Z, 'रावण राज' और आदिवासी संस्कृति पर बेबाक राय
देश की राजनीति, युवाओं के आंदोलन, शिक्षा व्यवस्था, धर्म, सत्ता और भारतीय संस्कृति जैसे समकालीन मुद्दों पर देश के प्रमुख संतों में शामिल बद्रीनाथ स्थित ज्योतिर्मठ (ज्योतिष पीठ) के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने डिजिटल से विशेष बातचीत की। जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और पेपर लीक विवाद को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए और कहा कि समय रहते जवाबदेही तय होती तो युवाओं का आक्रोश इस स्तर तक नहीं पहुंचता। नई पीढ़ी (Gen Z) को उन्होंने ईमानदारी और सच्चे धर्म के मार्ग पर चलने की सलाह दी, वहीं कंगना रनौत के प्रदर्शनकारी युवाओं पर दिए गए बयान की भी तीखी आलोचना की। बातचीत के दौरान उन्होंने साफ कहा कि संतों की भूमिका केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्याय और अत्याचार के खिलाफ समाज की आवाज उठाना भी उनका दायित्व है। उत्तर प्रदेश में 'रावण राज' संबंधी अपने बयान पर भी उन्होंने विस्तार से पक्ष रखा और छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों में धर्मांतरण तथा तेजी से बदल रही सांस्कृतिक पहचान को लेकर चिंता व्यक्त की। पढ़िए, इन सभी मुद्दों पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की बेबाक राय। 1 सवाल :- जंतर-मंतर और युवा आंदोलन
जंतर-मंतर का आंदोलन आपको युवाओं की नाराजगी लगा या व्यवस्था की विफलता?
छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को आप किस नजर से जवाब :- ऐसा है कि जंतर मंतर में जो प्रदर्शन हुए वो युवा का प्रदर्शन कम था ये केंद्र सरकर की अंधेखी ज्यादा थी विफलता थी आरंभ में ही जब पेपर लीक हो गए उसके बाद से इन लोगों को संभालना चाहीये था पुरे देश से आवाज उठ रही थी बच्चे आत्महत्या कर रहे थे तो इनको इस बारे में कोई तो जवाब डे ही लेनी चाहीई थी इन्होंई जो लंबे समय तक जवाब तो देहि लेनी चाहिये थी इन्होंने लंबे समय तक जवाब देही नहीं ली उसके परिणाम स्वरूप ये आक्रोष लोगों के मन में बड़ा और उसी की परीनती जंतर मंतर है
2 सवाल :- Gen Z और नई पीढ़ी
अगर आज की Gen Z आपके शिष्य बनना चाहें, तो सबसे पहली सीख क्या देंगे?
सोशल मीडिया ने युवाओं को ज्यादा जागरूक बनाया है या ज्यादा आक्रामक? जवाब :- ऐसा है की Gen Z भी हमारे शिष्य है ऐसा नहीं है हमारे तो सभी आयु वर्ग के लोग शिष्य हैं और सब हमारी बात सुनते हैं तो जो जिस आयु वर्ग का होता है उस परिस्थिति में रहता है उसको देखकर के हम लोग उसको बताते हैं कि तुम्हें क्या करना चाहिए जहां तक आपका यह पूछना है की Gen Z के लिए आप क्या कहना चाहेंगे हम तो यही कहना चाहेंगे कि जो इमानदारी है उसको मत छोड़ो डोंग पाखंड में मत फसो सच्चे धर्म को जानो और उसको अपने जीवन में अपनाओ ताकि तुम्हारा आतमीक और भौतिक दोनों तरह का कल्याण हो सके
3 सवाल :- कंगना रनौत के बयान पर
कंगना रनौत ने प्रदर्शनकारी युवाओं को 'गटर जेनरेशन' कहा। क्या ऐसी टिप्पणी उचित है? जवाब :- अब सरकर में है भारतीय जनता पार्टी की नेता है उनको तो लाइसेंस है हो जो चाहे बोल सक्ति हैं संघ का एक व्यक्ति है उसने क्या-क्या नहीं बोल दिया है बच्चों को नई पीढ़ी को कांगना को भी लाइसेंस है बीजेपी का कुछ भी बोल सक्ति हैं उसमे लोग क्या कह सकते हैं मर्यादा तो कहीं अभी रही नहीं है जनता के प्रति सरकारों के मन में संवेदनशीलता तो कहीं दिखाई देती नहीं है ऐसी परिस्थिति में जो सत्ता में है वो नीरअंकुश है जो चाहे बोले और गंगा रानावत उसी का प्रतिक है इस समय।
4 सवाल :- धर्म और सत्ता
क्या संतों का धर्म सिर्फ आध्यात्मिक मार्गदर्शन है, या सत्ता से सवाल पूछना भी उनकी जिम्मेदारी है? जवाब :- ऐसा है संत जो है वो भोजन कहाँ से पता है समाज से तो ही बता है कपड़ा कहाँ से पता है समाज से ही तो पता है तो जो हमारा पोशाक वर्ग है उसके बरे में अगर अन्याय अत्यचार हो रहा है तो हम आवाज नहीं उठाएंगे चलीये संतों की समाज के प्रति जवाब देही है अगर सरकरे नीरअंकुश हो कर के अन्याय अत्यचार कर रही हैं तो जनता के पक्ष में खड़े होकर के जनता की आवाज को स्वर देना अति अवशयक है।
5 सवाल :- देश की राजनीति और समाज
आज देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
आपने उत्तर प्रदेश में 'रावण राज' की बात कही थी। ऐसा कहने की सबसे बड़ी वजह क्या है?
जवाब :- ऐसा कहने की वजह हमारी ये थी की वाहा पर जनता को डरा कर रखा जा रहा है भयभीत करके रखा जा रहा है की आप बोल नहीं सकते चु नहीं कर सकते ये जो तारिका था ये रावण का तारिका था वो सबको दबा कर रखता था रावण की राजपति ही थी की उसने सबको अपने बाहुबल से दबा दिया था कोई चु नहीं बोल सकता था और उसको जैसा मन आता था वैसा वाह कर्ता चला जाता था कोई उसके ऊपर अकुश लगाने वाला नहीं था तो ऐसे ही नीरअंकुश सत्ता जनता को डरा करके उनके ऊपर राज करने की सत्ता इस समय है जो हमने अनुभव किया उसके अनुसार बोला राम के राज्य में प्रजा को निर्भय किया जाता था डरो मत बोलो अगर हमारे से गड़बड़ी हुई है तो आपको राम जी के भाषण उत्तराखंड मे लिखा हुआ है जनता के सामने भाषण देने के लिए खड़े हुऎ तो पहले बोल दिया अगर मैं भाषण करने जा रहा हूं अगर कुछ गड़बड़ बोल दू तो डराना नहीं खड़े होकर के बोल देना की राम यहां तुम गलत बोल रहे हो इतना बल जनता को देना ये राम का राज्य है की जनता बिलकुल ना डरे और राजा के मुंह के सामने खड़े हो के बीच भाषण में उसको तोक सके यह राम का राज्य है और जनता को डरा दिया जाए धमका दिया जाए खबरदार जो बोला तो सही बात भी बोल रहा हो उसे बोलने न दिया जाए ये रावण राज है जैसे हम लोग गौ माता की रक्षा के लिए निकले थे लेकिन जो जो हमारे साथ खड़े हो रहे थे उनके विरुद्ध मुकदमे लगाई जा रहे थे नोटिस लगाये जा रहे थे धमकाया जा रहा था चमकाया जा रहा था तो ये क्या है गाय की रक्षा के लिए तो बात कर रहे थे क्या गाय की रक्षा करना अपराध है इसलिए हमने रावण राज कहा जो हमने सामने प्रत्यक्ष देखा उसके अनुसार विश्लेषण देखकर कहा
6 सवाल :- छत्तीसगढ़ पर आदिवासी इलाकों में धर्मांतरण और सांस्कृतिक बदलाव को आप किस नजर से देखते हैं? जवाब :- ऐसा है जो संस्कृतिया बची है अब उनको भी नष्ट करने का माइका आ गया है हमारे गांव में जो संस्कृति थी जिससे पता चलता था कि यह भारत है जिसमें मिट्टी के महक है अब उस मिट्टी के महक शहरीकरण के कारण समाप्त कर दिया जा रहा है वो जो जो शहरीकरण हो रहा है वह गांव को वह गांव की संस्कृति को खत्म कर रहा है अब जंगलों में थोड़ी सी संस्कृति बची है आदिवासी अपने एकांत मे रहके संस्कृति के अनुसार रह रहे हैं अब उसमें भी नंबर लगा दिया गया है आगे चलकर वह भी अंग्रेज हो जाएंगे भारत के लोगों को अंग्रेज बना देना यह भारतीय संस्कृति पर हमला नहीं तो क्या है इसलिए भारत को भारत रहने दो यह हमारा नारा है
7 सवाल :- छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार के अब तक के कामकाज का आप कैसे आकलन करते हैं? जवाब :- ऐसा है पूरे देश के भाजपा सरकार उसके बारे में बात कह दी है चाहे छत्तीसगढ़ की सरकार हो चाहे किसी दूसरे प्रदेश की सरकार हो हर भाजपा सरकार एक ही ढ़बे पर है अयोगी व्यक्ति को पद पर बैठाओ योगी व्यक्तियों को चुप करा दो और जो ऊपर से आदेश आए उसी को परिपालन तो अब छत्तीसगढ़ की सरकार को छत्तीसगढ़ की सरकार नहीं है कहीं की भी सरकार हो कितने भी प्रदेश हो प्रदेशों की सरकारी प्रदेशों की सरकारी नहीं है पहले आपने कहा था कि डबल इंजन की सरकार है अब डबल इंजन नहीं है अब प्रदेश बोगी हो गया है अब उसको जो केंद्र है उसको बोगी के अनुसार खींच रहा है आपने साथ मे सारे प्रदेशों को केंद्र के द्वारा चलाया जा रहा है प्रदेश का जो नेता है उसमें हिम्मत ये नहीं है अपने प्रदेश के लिए कुछ स्वतंत्रता पूर्वक कर सके छत्तीसगढ़ में सरकार काहा है छत्तीसगढ़ सरकार का हम आकलन करें बताये कि भाजपा सरकार के प्रदेश में भाजपा सरकार है सब जगह पर केंद्र की सरकार मुखौटा बनकर किसी को बैठ कर राज कर रही है वैसे पस्थिति में छत्तीसगढ़ सरकार अगर होती तो उसका आकलन करके बताते