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LNIPE के वाइस चांसलर की नियुक्ति पर याचिका:हाईकोर्ट ने नियमों की अनदेखी पर खेल मंत्रालय और कुलपति को नोटिस जारी कर मांगा जवाब
मध्यप्रदेश के ग्वालियर में स्थित लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआइपीई) में कुलपति (वाइस चांसलर) की नियुक्ति को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। भारत सरकार द्वारा साल 2025 में की गई वाइस चांसलर की नियुक्ति के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। यह याचिका अधिवक्ता अवधेश सिंह तोमर द्वारा दायर की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि वर्तमान वाइस चांसलर डॉ. कल्पना शर्मा की नियुक्ति में यूजीसी के नियमों का सुप्रीम कोर्ट के जारी दिशा–निर्देशों का पालन न करते हुए धज्जियां उड़ाई गई हैं। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कड़ा रूख अपनाते हुए भारत सरकार के खेल मंत्रालय व कुलपति को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। गैर-नियमित और प्रशासनिक पद पर थीं, नाम के आगे जबरन लगाया 'प्रोफेसर' याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट के समक्ष दलील देते हुए बताया कि यूजीसी रेगुलेशन 2018 के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि किसी भी केंद्रीय या डीम्ड यूनिवर्सिटी में वीसी बनने के लिए उम्मीदवार के पास प्रोफेसर के रूप में न्यूनतम 10 वर्ष का शैक्षणिक अनुभव होना चाहिए, जो पे-लेवल 14 के दायरे में आता है। खेल मंत्रालय की गोपनीयता पर गहराया शक याचिका में इस पूरी नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर एक और बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया गया है। जानकारी दबाने का आरोप लगाते हुए बताया गया है कि जब इस पूरी चयन प्रक्रिया, स्क्रूटनी रिपोर्ट और डॉ. शर्मा के पुराने सर्विस रिकॉर्ड को लेकर युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय (भारत सरकार) व भारतीय खेल प्राधिकरण से आरटीआई (RTI) के तहत जानकारी मांगी गई, तो दोनों ही जिम्मेदार विभागों ने 'तीसरे पक्ष की व्यक्तिगत जानकारी' होने का बहाना बनाकर सूचना देने से साफ इनकार कर दिया। खेल मंत्रालय द्वारा बरती गई इस अत्यधिक गोपनीयता ने पूरी नियुक्ति प्रक्रिया पर संदेह गहरा कर दिया है, जिसके चलते मामला अब कोर्ट की चौखट पर पहुंचा है। अगली सुनवाई पर स्थिति पूरी स्पष्ट होगी "एलएनआईपीई कुलपति की नियुक्ति में यूजीसी नियमों के उल्लंघन को लेकर दायर याचिका पर हाई कोर्ट ने संज्ञान लिया है। केंद्र सरकार और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर पूरी चयन प्रक्रिया का रिकॉर्ड और जवाब मांगा गया है। मामले की अगली सुनवाई पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।"