Thursday, 29 October 2026
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यूपी में काले बादलों ने रोका चांद का रास्ता, आंधी-बारिश के बीच कैसे खुलेगा करवा चौथ का व्रत? जानें ज्योतिषाचार्य ने क्या कहा?

INT News29 October 2026 at 08:46 pm

UP Karwa Chauth 2026: उत्तर प्रदेश में गुरुवार की रात तेज हवा, बारिश और आसमान में छाए काले बादलों ने करवा चौथ के पर्व को चुनौतीपूर्ण बना दिया है. सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के साथ निर्जला व्रत रखे हुए हैं. पंचांग के अनुसार, लखनऊ में चंद्रोदय का समय रात 8:06 बजे निर्धारित है, लेकिन बादलों और बारिश के कारण चांद का दिखाई देना मुश्किल हो गया है. ऐसे में महिलाओं की नजरें आसमान पर टिकी हैं. पंचांग के अनुसार, चंद्रोदय हो चुका है. चंद्रोदय का समय बीतने के बाद भी चांद नहीं दिखे, तो पूजा, आरती और व्रत का पारण कैसे किया जाए? आइए जानते है ज्योतिषाचार्य श्रीपति त्रिपाठी से-

यूपी में बारिश और तेज हवाओं से बदला मौसम

उत्तर प्रदेश में 29 अक्टूबर को मौसम ने करवट ली है. कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश और गरज-चमक को लेकर चेतावनी जारी की है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार, 30 अक्टूबर को भी प्रदेश के कई हिस्सों में खराब मौसम होगा.

चंद्रोदय का समय बीता, लेकिन बादलों ने बढ़ाया इंतजार

करवा चौथ पर व्रत रखने वाली महिलाएं चंद्रमा के दर्शन के बाद अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं. पंचांग के अनुसार, लखनऊ में 29 अक्टूबर को चंद्रोदय का समय रात 8:06 बजे है. वहीं यूपी के सभी 75 जिलों में 08 बजकर 20 मिनट के बाद चंद्रोदय हो जाएगा. हालांकि, चंद्रोदय का निर्धारित समय और आसमान में चांद का साफ दिखाई देना दो अलग-अलग बातें हैं. घने बादल, बारिश और खराब मौसम के कारण चांद नजर आने में देरी हो सकती है. अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय का समय भी अलग होता है.

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चांद नहीं दिखे तो क्या करें महिलाएं?

करवा चौथ की परंपरा में चंद्र दर्शन के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देने और पति का चेहरा देखकर व्रत खोलने का विधान है. ऐसे में केवल पंचांग में चंद्रोदय का समय बीत जाने के बाद अगर चांद दिखाई दे, तो महिलाएं अपने परिवार की परंपरा और स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा-विधि का पालन कर सकती हैं. यदि चांद बादलों में छिपा हो, तो व्रत खोलने के वैकल्पिक उपायों को लेकर अपने परिवार के पुरोहित या जानकार से मार्गदर्शन लेना उचित रहेगा.

करवा माता की पूजा और आरती कर सकती हैं व्रती महिलाएं

करवा चौथ पर महिलाएं करवा माता, भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा करती हैं. व्रती महिलाएं पूजा के दौरान दीप जलाकर आरती कर सकती हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर सकती हैं. हालांकि, चंद्रमा को अर्घ्य देने और व्रत के पारण की परंपरा का पालन स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुसार किया जाता है. इसलिए पूजा और आरती को चंद्र दर्शन के विकल्प के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा.

बारिश में न दिखे चांद, तो कैसे दें अर्घ्य?

ज्योतिषाचार्य श्रीपति त्रिपाठी ने कहा कि चंद्रमा की उदय दिशा की ओर मुख करके आंखें बंद करें और मन ही मन चंद्रदेव का स्मरण करते हुए प्रार्थना करें, इसके अलावा, भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान चंद्रमा के दर्शन के लिए शिव-पार्वती की प्रतिमा या चित्र के सामने पूजा-अर्चना करें. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, चांदी का संबंध चंद्रमा से माना जाता है. ऐसे में एक साफ थाली में जल, रोली, अक्षत, सफेद फूल और चांदी का सिक्का रखकर चंद्रदेव का स्मरण कर व्रत का पारण करें.

खराब मौसम में सावधानी भी जरूरी

तेज हवा और बारिश के बीच छत या खुले स्थान पर चांद देखने के लिए जाते समय सावधानी बरतें. बिजली चमकने या तेज हवा चलने के दौरान खुले स्थान, पेड़ों और कमजोर संरचनाओं के पास खड़े होने से बचें. मौसम की स्थिति को देखते हुए सुरक्षित स्थान पर रहना जरूरी है.

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