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सिरसा में दूध के रेट को लेकर किसान-पशुपालक लामबंद:बोले-सरकार नकली पर रोक लगाए, असली के पूरे दाम दे, गांव-राज्य स्तर पर अभियान शुरू
सिरसा में दूध के नए रेट को लेकर किसान और पशुपालक लामबंद हो गए हैं। किसानों के अनुसार, सरकार नकली दूध पर रोक लगाए और असली दूध के रेट बढ़ाए, ताकि पशुपालकों को पूरे दाम मिल सके। इसे लेकर गांव स्तर पर अभियान शुरू कर दिया है। सभी लोगों को जागरूक किया जाएगा और राज्य स्तर पर कमेटी बनाकर मुख्यमंत्री से मिलने की तैयारी कर ली है। इसे लेकर गांव मंगाला स्थित गुरुद्वारा बाबा भूमन शाह में आसपास गांवों के पशुपालकों व किसानों मीटिंग हुई है। उसी में यह फैसला लिया गया है। मीटिंग में मंगाला, ढाणी काहन सिंह, टीटू खेड़ा और सलारपुर के पशुपालकों तथा किसान-मजदूर शामिल हुए। इस दौरान मुख्य रूप से नकली दूध, खोया, मावा, क्रीम तथा अन्य मिलावटी दुग्ध उत्पादों पर रोक लगाने के विषय पर विस्तार से चर्चा की। किसान नेता बोले, अभी पशुपालक ही दूध के रेट बढ़ाने को लेकर ऐलान कर रहे हैं। इस बारे में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को भी ज्ञापन सौंपा है। मगर सरकार ने कोई संज्ञान नहीं लिया। इसलिए वे सभी लोगों के साथ मीटिंग कर गांव से राज्य स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री से मिलेंगे और रेट बढ़ाने की मांग रखी जाएगी। नकली के बजाय शुद्ध दूध को बढ़ावा दिया जाए किसानों ने कहा कि मिलावटी और नकली उत्पाद न केवल पशुपालकों को आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा हैं। इसलिए शुद्ध एवं ताजा दूध को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। साथ ही पशुपालकों को उनके दूध का उचित मूल्य दिलाने के मुद्दे पर भी विचार-विमर्श किया गया। 19 को गुरुद्वारा चिल्ला साहिब में बुलाई मीटिंग मैक्स साहूवाला ने बताया, दूध के रेट को लेकर आगामी 19 सितंबर को गुरुद्वारा चिल्ला साहिब में आयोजित जिला स्तरीय बैठक बुलाई गई है। उसमें सभी अपने-अपने विचार रखेंगे और मिलावट के खिलाफ संयुक्त संघर्ष तथा शुद्ध दुग्ध उत्पादों को प्रोत्साहित करने का संकल्प लिया। टेक्निकल लोगों को भी बुलाया है।