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IIT Patna News: कौन हैं IIT पटना के रजिस्ट्रार, जिनके खिलाफ कांग्रेस लीडर ने दर्ज कराई FIR, जानें पूरा मामला

INT News1 November 2026 at 07:44 pm

IIT Patna News: IIT पटना के रजिस्ट्रार प्रो. ए.के. ठाकुर के नाम से सोशल मीडिया पर सामने आई एक कथित टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. दलित समाज को लेकर की गई कथित टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस नेता आदित्य पासवान ने शुक्रवार को पटना के गर्दनीबाग स्थित अनुसूचित जाति-जनजाति (SC/ST) थाने में लिखित शिकायत दी. उन्होंने रजिस्ट्रार के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक कथित पोस्ट प्रसारित हुई, जिसमें लिखा था, 'काबिल मत बनो, दलित बनो, सफलता झक मारकर आएगी.' इस पोस्ट को IIT पटना के रजिस्ट्रार प्रो. ए.के. ठाकुर से जोड़कर देखा जा रहा है. कांग्रेस नेता आदित्य पासवान ने इस कथित टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि इस तरह की बात दलित समाज के संघर्ष, मेहनत और शिक्षा के जरिए आगे बढ़ने की कोशिशों का अपमान है. इसी को लेकर उन्होंने SC/ST थाने में लिखित शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है.

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दलित समाज के आत्मसम्मान से जुड़ा बताया मामला

आदित्य पासवान ने कहा कि सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद दलित परिवार अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने और बेहतर भविष्य देने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं. ऐसे में इस तरह की कथित टिप्पणी उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाती है. उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के शिक्षा, संगठन और संघर्ष के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि दलित समाज शिक्षा को सामाजिक बराबरी और सम्मान हासिल करने का माध्यम मानता है. उन्होंने यह भी कहा कि किसी प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान में जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति से समानता और प्रगतिशील सोच को बढ़ावा देने की अपेक्षा की जाती है.

केंद्र सरकार और IIT पटना प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग

कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार, शिक्षा मंत्रालय और IIT पटना प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए. आदित्य पासवान ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी व्यक्ति के खिलाफ निजी लड़ाई नहीं है, बल्कि जातिगत भेदभाव और पूर्वाग्रह की मानसिकता के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि दलित समाज के सम्मान, शिक्षा के अधिकार और सामाजिक न्याय के लिए लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से संघर्ष जारी रहेगा.

ए.के. ठाकुर ने पोस्ट को बताया फर्जी

वहीं, प्रो. ए.के. ठाकुर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है. उनका कहना है कि करीब डेढ़ महीने पहले उनके नाम से एक फर्जी पोस्ट प्रसारित की गई थी. उनके मुताबिक, किसी ने उनके नाम और आईडी का इस्तेमाल कर फेसबुक या लिंक्डइन पर क्लोन पोस्ट तैयार की है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विरोधी और उनके सहयोगी बिना किसी ठोस या प्रमाणिक साक्ष्य के जानबूझकर उनके खिलाफ गलत प्रचार कर रहे हैं. इसका उद्देश्य उनकी व्यक्तिगत छवि के साथ-साथ IIT पटना की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना है. प्रो. ठाकुर ने विवादित पोस्ट से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है.

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