Sunday, 9 August 2026
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बिहार के 18 शहरों के लिए चलाई जायेंगी बसें, पटना से किशनगंज तक पहुंचना होगा बेहद आसान, जानिए प्लानिंग

INT News9 August 2026 at 12:44 pm

Bihar Bus Service: दिल्ली सरकार बिहार के लगभग 18 प्रमुख शहरों तक सीधी बस सेवा शुरू करने की तैयारी में है. अगर दोनों राज्यों के बीच प्रस्तावित समझौते को मंजूरी मिल जाती है, तो दिल्ली से पटना ही नहीं, बल्कि पूर्णिया, अररिया और किशनगंज जैसे शहरों तक भी सीधे बस से पहुंचना संभव होगा.

दिल्ली परिवहन विभाग ने बिहार सरकार के सामने इंटर स्टेट रिसिप्रोकल ट्रांसपोर्ट एग्रीमेंट का प्रस्ताव रखा है. इस पहल का मकसद दिल्ली और बिहार के बीच लगातार बढ़ रही यात्रियों की संख्या को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन के विकल्प बढ़ाना है.

पटना से लेकर किशनगंज तक कनेक्शन

प्रस्तावित योजना में दिल्ली से पटना, गया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, अररिया, पूर्णिया और किशनगंज समेत कई प्रमुख शहरों को जोड़ा जाएगा. इसके अलावा बिहारशरीफ, बक्सर, पूर्वी चंपारण, मधुबनी और नवादा जैसे शहर भी प्रस्तावित लिस्ट में हैं.

सबसे खास बात दिल्ली-पटना कनेक्शन को लेकर है. यहां चार अलग-अलग रूट प्रस्तावित किए गए हैं. जबकि दिल्ली से गया और मुजफ्फरपुर के लिए दो-दो रूट रखे गए हैं. बसें सिर्फ दिल्ली से बिहार ही नहीं जाएंगी, बल्कि बिहार से दिल्ली आने वाले यात्रियों के लिए भी संचालित होंगी.

किशनगंज वाला सफर होगा सबसे लंबा

प्रस्तावित रूट में दिल्ली-किशनगंज सबसे लंबा रूट होगा. इसकी दूरी करीब 1,416 किलोमीटर होगी. दिल्ली से पूर्णिया करीब 1,390 किलोमीटर और दिल्ली से अररिया लगभग 1,348 किलोमीटर दूर होगा. पटना के लिए अलग-अलग रूट के हिसाब से दूरी करीब 1,045 से 1,182 किलोमीटर के बीच रहेगी. इस तरह से बिहार के अलग-अलग जिलों में रहने वाले लोगों के लिए यह महज बस सेवा नहीं, बल्कि दिल्ली तक पहुंचने का एक नया सीधा सड़क संपर्क बन सकता है.

कब तय होगा समय और किराया?

इस प्रस्ताव की एक और खासियत है. बिहार पहुंचने से पहले कुछ रूट उत्तर प्रदेश के बड़े शहरों से होकर गुजरेंगे. इनमें नोएडा, आगरा, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर शामिल हैं. साथ ही बिहार में गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और आरा जैसे शहर भी कुछ प्रस्तावित मार्गों में आएंगे. प्रस्तावित व्यवस्था में दिल्ली और बिहार के लिए चिन्हित रूटों पर 12-12 बसों का परमिट कोटा रखा गया है। बसों का समय, किराया, ठहराव और यात्री कर से जुड़े नियम दोनों राज्यों की आपसी सहमति के बाद तय होंगे.

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