समाचार · मध्य प्रदेश
मैहर अस्पताल में कबाड़ से बना योग सेंटर:पुराने टायरों और पुर्जों से तैयार गार्डन, बच्चों के झूले
मैहर जिले के रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कबाड़ और अनुपयोगी सामान का सदुपयोग कर अस्पताल परिसर की तस्वीर बदल दी गई है। यहां पुराने टायर, वाहनों के खराब पुर्जे और अन्य अनुपयोगी सामग्री से योग सेंटर, व्यायाम उपकरण, बच्चों के झूले और एक आकर्षक गार्डन तैयार किया गया है।गार्डनों को आशियाना, सुकून, हर्बल गार्डन जैसे नाम भी दिए गए है।गार्डन में हर्बल के करीब 200 से अधिक पौधे लगाए गए है। अस्पताल में पुराने वाहनों के टायरों को काटकर कुर्सियां बनाई गई हैं। वहीं बच्चों के लिए झूले और मरीजों व आम लोगों के व्यायाम के लिए विभिन्न उपकरण भी तैयार किए गए हैं। अस्पताल आने वाले मरीजों के साथ स्थानीय लोग भी इन सुविधाओं का उपयोग कर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो रहे हैं। परिसर में अनुपयोगी सामग्री से आकर्षक आकृतियां और जालियां बनाकर उनके आसपास पौधे और फूल लगाए गए हैं। परिसर के अलग-अलग हिस्सों में तीन गार्डन विकसित किए गए हैं, और योग सेंटर के पास लोगों के टहलने के लिए रास्ता भी बनाया गया है। हरियाली और स्वच्छ वातावरण के कारण अस्पताल परिसर अब मरीजों और स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। प्रभारी डॉक्टर का प्रयास इस नवाचार की शुरुआत वर्ष 2024 में तत्कालीन अस्पताल प्रभारी डॉ. विनय रवि सिंह के प्रयासों से हुई थी। इसके बाद लगातार अस्पताल परिसर में कबाड़ से उपयोगी और आकर्षक सामग्री तैयार करने का काम जारी रहा। धीरे-धीरे यहां योग सेंटर, गार्डन, बच्चों के खेल उपकरण और बैठने की व्यवस्था विकसित की गई। अस्पताल परिसर में लकड़ी और वाहनों के पुराने कांच जैसी सामग्री से एक आकर्षक स्थान भी तैयार किया गया है। यहां मरीजों के परिजन बैठने के साथ भोजन कर सकते हैं और लोग तस्वीरें भी खिंचवा रहे हैं। सुबह के समय मरीजों के साथ स्थानीय लोग भी अस्पताल परिसर में योग और मॉर्निंग वॉक के लिए पहुंचते हैं। रोगी कल्याण समिति के सहयोग मिला अस्पताल प्रभारी शिव प्रताप सिंह ने बताया कि स्वच्छता और सुंदरता बढ़ाने के उद्देश्य से अस्पताल के वाहनों तथा अन्य अनुपयोगी सामग्री से योग सेंटर, गार्डन और खेल उपकरण तैयार किए गए हैं। इनकी देखरेख अस्पताल प्रबंधन और रोगी कल्याण समिति के सहयोग से की जा रही है। बगिया की अन्य तस्वीरें…