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बिहार में इस दिन एंट्री ले सकता है चक्रवात, 28 अक्टूबर से मचेगी तबाही, मौसम विभाग के वैज्ञानिक ने क्या बताया?

INT News24 October 2026 at 03:45 pm

Bihar Cyclone: बिहार में अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में मौसम बदलने के आसार हैं. बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा मौसमी सिस्टम चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है. इसके प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाएं चलने की आशंका है. से बातचीत में मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के वैज्ञानिक डॉ. आनंद शंकर ने बताया कि 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच मौसम की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है. ऐसे में किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है.

बंगाल की खाड़ी में बन रहा चक्रवाती सिस्टम

बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा निम्न दबाव का क्षेत्र लगातार मजबूत हो सकता है. इसके 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना जताई गई है. यदि यह तूफान बनता है, तो इसका नाम अर्नब होगा.

समुद्र से मिलने वाली गर्मी और नमी ऐसे सिस्टम को मजबूत बनाने में भूमिका निभाती है. हालांकि, बिहार में इसका असर कितना होगा, यह तूफान की दिशा, तीव्रता और नमी के प्रवाह पर निर्भर करेगा.

28 अक्टूबर से बारिश, 29 को भारी वर्षा के आसार

मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 अक्टूबर से राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. इस दौरान गरज-चमक और वज्रपात की आशंका भी है. कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.

29 अक्टूबर को भारी बारिश की आशंका जताई गई है. मौसम के इस बदलाव से सामान्य जनजीवन के साथ खेती-किसानी पर भी असर पड़ सकता है. हालांकि, बारिश का वास्तविक प्रभाव जिले और स्थानीय मौसम की स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकता है.

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तेज हवा से फसलों और कमजोर मकानों को खतरा

बारिश और तेज हवा के कारण खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है. फलदार पेड़ों, टिन की छतों और कमजोर ढांचों पर भी असर पड़ने की आशंका है. खेतों में कटी हुई फसल खुले में रखने से भी नुकसान हो सकता है.

किसानों को सलाह दी जाती है कि वे कटी हुई उपज को सुरक्षित और सूखी जगह पर रखें. मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही कटाई और भंडारण की योजना बनाएं. पशुओं को भी सुरक्षित स्थान पर रखें.

वज्रपात से बचने के लिए बरतें सावधानी

मेघगर्जन के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचें. बिजली चमकने पर पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों के नीचे खड़े न हों. सुरक्षित पक्के भवन के अंदर रहना बेहतर है.

आम लोगों और किसानों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए. चक्रवाती सिस्टम की दिशा और तीव्रता में बदलाव के साथ पूर्वानुमान भी बदल सकता है. इसलिए घबराने के बजाय सतर्क रहना और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना जरूरी है.

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