Sunday, 13 September 2026
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OPS-डीए की मांग पर आर-पार के मूड में मुलाजिम:कैबिनेट मंत्री कटारूचक की कोठी का घेराव करेंगे कर्मचारी व पेंशनर्स

INT News13 September 2026 at 10:46 am

ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) की बहाली, महंगाई भत्ते (DA) के बकाया किस्तों के भुगतान और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने जैसी लंबे समय से अटकी मांगों को लेकर पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों का गुस्सा चरम पर है। 'पंजाब कर्मचारी एवं पेंशनर्स साझा फ्रंट' तथा 'सांझा कर्मचारी मंच पंजाब' की संयुक्त कोआर्डिनेशन कमेटी के प्रांतीय आह्वान पर आज राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक के पठानकोट स्थित गांव कटारूचक वाले आवास का विशाल घेराव किया जाएगा। पीएसएमएसयू के जिलाध्यक्ष विशालवीर का कहना है कि सारे कर्मचारी और पैंशनर्स 11 बजे के करीब झाकोलाहड़ी से रोष मार्च करते हुए कैबिनेट मंत्री के आवास पर पहुंचेंगे। जिसके बाद गांव कटारूचक्क में धरना दिया जाएगा। मंत्री लाल चंद कटारुचक्क की कोठी का घेराव किया जाएगा। झांखोलाहड़ी हाईवे से शुरू होगा विरोध मार्च

संघर्ष की रणनीति की जानकारी देते हुए 'गवर्नमेंट टीचर्स यूनियन पंजाब' (जिला पठानकोट) के प्रतिनिधि मंडल कुलदीप सिंह, अनिल कुमार, दीदार सिंह, अमृतपाल सिंह, सुभाष चंद्र, रवि दत्त, राजेश कुमार, जोगिंदरपाल, बाबा सिंह और रजनीश कुमार ने बताया कि राज्य भर से सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी, शिक्षक, पेंशनर्स और मानदेय कार्यकर्ता रविवार सुबह 11 बजे नेशनल हाईवे स्थित झांखोलाहड़ी मेन गेट पर इकट्ठा होंगे। वहां एक विशाल रैली करने के पश्चात सभी प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए कैबिनेट मंत्री की कोठी की ओर कूच करेंगे। चुनाव जिताने वाले मुलाजिमों की विधानसभा में आवाज तक नहीं उठाई विशालवीर सहित अन्य यूनियन नेताओं ने आम आदमी पार्टी सरकार और स्थानीय विधायक सह कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक पर वादाखिलाफी का गंभीर आरोप लगाया। नेताओं ने कहा कि विधानसभा चुनाव में मतों की गिनती के आखिरी क्षणों में सरकारी कर्मचारियों के एक-एक वोट की बदौलत ही मंत्री कटारूचक को जीत हासिल हुई थी। इसके बावजूद उन्होंने बीते पांच सालों के कार्यकाल में पंजाब विधानसभा के भीतर कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों के अधिकारों व उनकी जायज मांगों पर एक शब्द तक नहीं बोला। कई दौर की औपचारिक बैठकों के बावजूद सरकार केवल खोखले आश्वासन दे रही है और मांगों का कोई समाधान नहीं निकाल रही है।