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सीहोर में दो दिन में दो बार क्लोरीन गैस रिसाव:नगरपालिका बोली- सामान्य बात; दर्जनों ग्रामीणों को खांसी, चक्कर और आंखों में जलन की शिकायत
सीहोर के काहिरी डेम के पास ग्राम लसूडिया खास में स्थित नगरपालिका के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में दो दिन के भीतर दो बार क्लोरीन गैस रिसाव का मामला सामने आया है। गैस की चपेट में आने से दर्जनों ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ गई। लोगों ने चक्कर, बेचैनी, खांसी, एलर्जी और आंखों में जलन की शिकायत की। पहली घटना 8 सितंबर की रात हुई थी। बताया गया कि प्लांट में रखे सिलेंडर से गैस का रिसाव हुआ, जिसकी चपेट में आसपास के कई लोग आ गए थे। इसके बाद नगरपालिका ने स्थिति सामान्य होने का दावा करते हुए क्लोरीन गैस सिलेंडर को सावधानीपूर्वक ट्रीट करने की बात कही थी। हालांकि, 10 सितंबर की रात प्लांट के सामने से गुजर रहे और आसपास रहने वाले लोगों की तबीयत दोबारा बिगड़ने लगी। कई ग्रामीणों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक इलाज के बाद कुछ लोग घर लौट गए, जबकि दो लोग अभी भी जिला अस्पताल में भर्ती हैं। ग्रामीणों को खांसी, आंखों में जलन की शिकायत
प्रेमजी, अनमोल, रामसभा बाई, केसर सिंह, प्रेम सिंह, अभिषेक, रीना, वैष्णवी, राकेश और मयंक सहित कई ग्रामीण अभी भी खांसी, एलर्जी और आंखों में जलन की समस्या से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद भी वे डर के माहौल में हैं। उनका आरोप है कि गैस रिसाव को लेकर नगरपालिका प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई। वहीं, नगरपालिका प्रशासन इसे सामान्य घटना बता रहा है। अधिकारियों का कहना है कि एक-दो लोगों को ही हल्की गैस का असर हुआ है। हालांकि, ग्रामीणों का दावा है कि गैस की चपेट में आने से बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत खराब हुई है। रामसभा बाई बोलीं- अचानक तेज खांसी और चक्कर आने लगे
लसूडिया खास निवासी रामसभा बाई ने बताया कि गुरुवार रात वह घर में काम कर रही थीं। अचानक उन्हें तेज खांसी आने लगी और चक्कर आने लगे। उनके मुताबिक, घर के ज्यादातर सदस्य भी गैस की चपेट में आ गए। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी अनमोल की हालत काफी खराब है और उसकी खांसी रुक नहीं रही है। रामसभा बाई के अनुसार, उनकी छह महीने की पोती भी गैस की चपेट में आ गई थी। उसे लगातार खांसी होने पर तुरंत अस्पताल ले जाया गया। उनकी बहू रीना और पोता मयंक भी बीमार हैं। ग्रामीणों का आरोप- लीकेज सिलेंडर की जानकारी नहीं दी
गैस रिसाव को लेकर ग्रामीण नगरपालिका प्रशासन पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। युवक अभिषेक मालवीय ने बताया कि 10 सितंबर को लीकेज सिलेंडर का ट्रीटमेंट किया जाना था, लेकिन इसकी जानकारी ग्रामीणों को नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि यदि पहले से सूचना दी जाती तो ग्रामीण अपने रिश्तेदारों के घर चले जाते या उस रास्ते से निकलने से बचते। अभिषेक ने आरोप लगाया कि नगरपालिका टीम ने लीकेज सिलेंडर को पानी के एक गड्ढे में छोड़ दिया, जिससे गैस का रिसाव हुआ और आसपास के कई लोग इसकी चपेट में आ गए। फसलों पर भी असर, किसानों ने मुआवजे की मांग की
ग्रामीणों के मुताबिक क्लोरीन गैस के प्रभाव से आसपास के खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। कई एकड़ में सोयाबीन, तुवर और मक्का की फसल प्रभावित होने की बात कही जा रही है। किसान रमेश ने बताया कि उनके करीब आधा एकड़ खेत में सोयाबीन और तुवर की फसल लगी थी, जो गैस के प्रभाव से खराब हो गई। उन्होंने इससे लाखों रुपए के नुकसान का दावा किया है। किसान राकेश ने बताया कि उनकी मक्का की फसल भी गैस की चपेट में आने से बर्बाद हो गई। उन्होंने नगरपालिका से फसल के नुकसान की भरपाई करने की मांग की है। सालों से अनुपयोगी पड़े थे क्लोरीन गैस के सिलेंडर
जानकारी के अनुसार, काहिरी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में क्लोरीन गैस के तीन सिलेंडर लंबे समय से पड़े थे। बताया गया कि प्रत्येक सिलेंडर में करीब 600 लीटर गैस भरी थी। ग्रामीणों का कहना है कि ये सिलेंडर करीब 10 साल से अनुपयोगी हालत में पड़े थे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि लंबे समय से अनुपयोगी पड़े इन सिलेंडरों का समय रहते निपटारा या सुरक्षित ट्रीटमेंट क्यों नहीं किया गया। तीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से 6 सिलेंडर हटाए
घटना के बाद नगरपालिका सीहोर ने नागदा, उज्जैन स्थित ग्रासिम केमिकल कंपनी से संपर्क किया। कंपनी की टेक्निकल टीम गुरुवार को सीहोर पहुंची और अलग-अलग तीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से पड़े हुए क्लोरीन गैस सिलेंडरों को सुरक्षित तरीके से हटाया। नगरपालिका सीहोर के सीएमओ सुधीर सिंह ने बताया कि ग्रासिम की टेक्निकल टीम छह खाली सिलेंडरों को सावधानीपूर्वक अपने साथ ले गई है। मूल खबर पढ़िए… क्लोरीन गैस रिसाव से पेड़-पौधे तक झुलसे
सीहोर के लसूड़िया खास गांव में काहिरी बांध के पास पानी फिल्टर प्लांट में रात क्लोरीन गैस का रिसाव हो गया। बताया जा रहा है कि गैस के प्रभाव से आसपास के पेड़-पौधे तक झुलस गए। इससे ग्रामीणों और राहगीरों को आंखों में तेज जलन, घुटन, सांस लेने में परेशानी और उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। पूरी खबर पढ़िए…