Sunday, 9 August 2026
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बुरहानपुर में विश्व आदिवासी दिवस पर पौधारोपण:‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत ग्रामीणों ने लिया संरक्षण का संकल्प, पौधों की सुरक्षा के लिए की गई तार फेंसिंग

INT News9 August 2026 at 12:40 pm

बुरहानपुर में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर ग्राम पीपलगांव स्थित हनुमान मंदिर परिसर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। गायत्री परिवार के सहयोग से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों ने पौधे लगाने के साथ उनके संरक्षण और संवर्धन का संकल्प लिया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली बचाने का संदेश दिया गया। पौधों की सुरक्षा के लिए तार फेंसिंग पर्यावरण मित्र शिक्षक संजय राठौड़ ने बताया कि किरण सोनवने के सहयोग से मंदिर परिसर में पौधारोपण किया गया। लगाए गए पौधों को मवेशियों और अन्य नुकसान से बचाने के लिए उनके आसपास तार फेंसिंग की गई है। उन्होंने बताया कि पौधों की नियमित देखभाल के लिए पानी की व्यवस्था भी की गई है। इसके लिए ड्रिप सिंचाई व्यवस्था स्थापित की गई है, जिससे पौधों को आवश्यकता के अनुसार नियमित पानी मिल सके। सुरक्षा और पानी से बढ़ेगी पौधों के पेड़ बनने की संभावना संजय राठौड़ ने कहा कि किसी पौधे को केवल जमीन में लगा देना पर्याप्त नहीं है। उसे सुरक्षित रखने और नियमित पानी देने की भी जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि जब पौधे को सुरक्षा और पानी दोनों मिलते हैं, तो उसके पेड़ बनने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। पीपलगांव के हनुमान मंदिर परिसर में लगाए गए पौधों को भी इसी भावना के साथ संरक्षित किया जाएगा, ताकि वे आने वाले समय में विकसित होकर बड़े पेड़ बन सकें। आदिवासी दिवस पर प्रकृति संरक्षण का संदेश कार्यक्रम के दौरान शिक्षक गिरधारीलाल वास्कले ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर पौधारोपण सिर्फ पौधे लगाने तक सीमित नहीं है। यह प्रकृति, संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों के संरक्षण का संकल्प भी है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की जीवनशैली लंबे समय से प्रकृति और पर्यावरण से जुड़ी रही है। ऐसे में विश्व आदिवासी दिवस पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सामूहिक प्रयास करना महत्वपूर्ण है। इस दौरान ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण के लिए शपथ भी दिलाई गई। पौधे लगाने के बाद देखभाल पर जोर कार्यक्रम में किरण सोनवने ने कहा कि पौधे लगाकर उन्हें छोड़ नहीं दिया जाएगा। उनकी नियमित देखभाल की जाएगी और जरूरत के अनुसार पानी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज लगाए गए पौधे आने वाले वर्षों में विकसित होकर मंदिर परिसर को हरियाली से भर देंगे। इससे न केवल परिसर का वातावरण बेहतर होगा, बल्कि ग्रामीणों को भी स्वच्छ और सुंदर पर्यावरण का संदेश मिलेगा। ग्रामीणों ने लिया पौधों को वृक्ष बनाने का संकल्प पौधारोपण कार्यक्रम में शामिल गायत्री परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी लेने का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने कहा कि एक पौधा लगाना सिर्फ शुरुआत है, उसे वृक्ष बनाना हमारी जिम्मेदारी है। पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और नियमित देखभाल के जरिए उन्हें सुरक्षित रखने का प्रयास किया जाएगा। सामुदायिक सहभागिता से हरित भविष्य का संदेश पीपलगांव के हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम विश्व आदिवासी दिवस को केवल सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित रखने के बजाय प्रकृति संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता से जोड़ने वाला प्रयास रहा। पौधारोपण के साथ उनकी सुरक्षा के लिए फेंसिंग और नियमित सिंचाई की व्यवस्था किए जाने से कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें विकसित कर भविष्य में वृक्ष के रूप में तैयार करना है। ग्रामीणों और गायत्री परिवार के सदस्यों का यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित और स्वच्छ पर्यावरण तैयार करने की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया।