समाचार · मध्य प्रदेश
नरवाई जलाने पर FIR से नाराज कृषि अधिकारी पहुंचे कलेक्ट्रेट:कलेक्टर से मिलने पहुंचे तो उप-संचालक कृषि कार्यालय ले गए, बोले- FIR तो दर्ज करानी होगी
धान कटाई का सीजन शुरू होते ही नरवाई जलाने के मामले सामने आने लगे हैं। खेतों में नरवाई जलाने या उसका उचित प्रबंधन नहीं करने वालों और बिना एसएमएस (स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम) अटैचमेंट के चलने वाले हार्वेस्टरों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई और जुर्माने के निर्देश दिए गए हैं। नरवाई जलाने वालों के खिलाफ एफआईआर कराने की जिम्मेदारी कृषि विस्तार अधिकारियों को दी गई है। इस जिम्मेदारी का विरोध करते हुए जिलेभर के कृषि विस्तार अधिकारी शुक्रवार शाम कलेक्टर से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्टर से मिलने पहुंचे, कृषि उप-संचालक कार्यालय ले गए कृषि विस्तार अधिकारियों का कहना है कि नरवाई जलाने वालों के खिलाफ एफआईआर कराने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर कृषि विस्तार अधिकारी संघ के बैनर तले पदाधिकारी शुक्रवार शाम कलेक्ट्रेट पहुंचे। वे कलेक्टर आशीष वशिष्ठ से मिलने के लिए करीब आधे घंटे तक इंतजार करते रहे। इसी दौरान कृषि उप-संचालक रविकांत सिंह वहां पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उन्हें यहां आने से पहले इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। इसके बाद वे सभी को कृषि कार्यालय ले गए। कार्यालय में कृषि विस्तार अधिकारी विकास पटेल और नेहा यदुवंशी ने अपनी समस्या रखी। उन्होंने कहा कि वे किसानों को नरवाई नहीं जलाने के लिए जागरूक कर रहे हैं, लेकिन अब नरवाई जलाने वालों के खिलाफ एफआईआर कराने की जिम्मेदारी भी उन्हें दी जा रही है। ऐसे मामलों में उन्हें ही फरियादी बनाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि किसानों से उनका सीधा संपर्क रहता है। वे किसानों के बीच जाकर शासन की योजनाओं और निर्देशों की जानकारी देते हैं और सरकारी कामकाज में सहयोग करते हैं। ऐसे में उन्हीं किसानों के खिलाफ एफआईआर में फरियादी बनने से उनके संबंध प्रभावित हो सकते हैं और किसानों में उनके प्रति नाराजगी पैदा हो सकती है। उन्होंने मांग की कि एफआईआर कराने की जिम्मेदारी किसी अन्य अधिकारी को दी जाए। समस्या सुनने के बाद कृषि उप-संचालक रविकांत सिंह ने कहा कि अधिकारी शासन का हिस्सा हैं और नियमों के तहत कार्रवाई के लिए किसी न किसी को शिकायतकर्ता बनना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि खेत में नरवाई जलने की घटना होने पर पंचनामे में आग लगने की वजह और जिम्मेदार व्यक्ति का उल्लेख किया जाए। यदि संबंधित व्यक्ति का नाम पता हो तो उसका नाम लिखें और पहचान नहीं होने पर अज्ञात दर्ज करें। करीब एक घंटे तक चर्चा के बाद कृषि विस्तार अधिकारी कार्रवाई के निर्देशों पर राजी हो गए। सिवनीमालवा में नरवाई जलने पर कार्रवाई के निर्देश गुरुवार को सिवनीमालवा के एसडीएम विजय राय ने तोरनिया, रूपादेह, बनाड़ा, भांगिया, हरपालपुर और रेहड़ा सहित कई गांवों का औचक भ्रमण किया। इस दौरान भांगिया, बनाड़ा और हरपालपुर के खेतों में नरवाई जलाई जाने की घटनाएं सामने आईं। एसडीएम ने संबंधित हल्का पटवारी, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक (जीआरएस) और ग्राम सेवक को दोषी व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल जुर्माना लगाने और एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षेत्रवासियों से नरवाई नहीं जलाने और उसका उचित प्रबंधन करने की अपील की। प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी भी दी गई है।