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हाउसिंग बोर्ड ओवरब्रिज ने पास की लोडिंग परीक्षा, इसी माह से 5 किमी का फेरा खत्म
भास्कर संवाददाता | सीहोर भोपाल-इंदौर पुराने हाईवे से गुजरने वाले 8 हजार से अधिक वाहन चालकों के लिए राहत की बड़ी खबर है। सीहोर की सबसे महत्वपूर्ण समस्या बन चुके हाउसिंग बोर्ड रेलवे फाटक पर 28 करोड़ रुपए की लागत से ओवरब्रिज बनकर लगभग तैयार हो चुका है। वहीं रेलवे अपने हिस्से के पुल की मजबूती चेक कर चुका है, जिसके लिए ब्रिज पर मिट्टी से भरे 6 डंपर खड़े किए थे। ये डंपर 24 घंटे तक यहीं रहें। जिससे यह तय हो गया है कि ब्रिज अपनी सही स्थिति में है, अब इसे रेलवे की ओर से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। इसके बाद दोनों तरफ का बचा हुआ डामरीकरण का काम पूरा कर इसी महीने (अगस्त में) आवागमन शुरू कर दिया जाएगा। इस मार्ग के शुरू होने से चालकों को बायपास से 5 किमी का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। हाउसिंग बोर्ड के पास 28 करोड़ रुपए की लागत से बने इस रेलवे ओवर ब्रिज की कुल लंबाई 700 मीटर और चौड़ाई 15 मीटर है। यह 24 पिलर पर तैयार किया गया है। ट्रैक के ऊपर इसकी ऊंचाई 7.30 मीटर (10 मीटर ट्रैक के ऊपर) रखी गई है। ब्रिज कॉरपोरेशन द्वारा टेंडर और एग्रीमेंट के तहत 18 महीने की समय-सीमा तय की गई थी। हाउसिंग बोर्ड और फंदा रेलवे फाटक सीहोर की सबसे बड़ी समस्या थे। इस रूट से 24 घंटे में 70 से अधिक यात्री और माल गाड़ियां गुजरती हैं। इस कारण फाटक बार-बार बंद होता था और वाहन चालकों को लंबा इंतजार करना पड़ता था। समस्या के समाधान के लिए जनवरी 2024 में निर्माण शुरू किया गया था। डामरीकरण का काम इसी महीने पूरा करेंगे ^अगस्त में हाउसिंग बोर्ड ओवरब्रिज पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। दो महीने पहले ब्रिज कॉरपोरेशन अपनी टेस्टिंग पूरी कर चुका है। अब रेलवे अपने हिस्से के बीच की टेस्टिंग कर रहा है। इसके पूरा होते ही दोनों तरफ का बचा हुआ डामरीकरण का काम इसी महीने पूरा कर लिया जाएगा। -कैलाश वर्मा, सब इंजीनियर, ब्रिज कॉरपोरेशन इधर कछुआ चाल, फंदा ओवरब्रिज का काम धीमी गति से जारी एक तरफ हाउसिंग बोर्ड ओवरब्रिज शुरू होने की कगार पर है, वहीं दूसरी तरफ सीहोर के फंदा क्षेत्र में रेलवे फाटक क्रमांक 107 पर बन रहे ओवरब्रिज का काम काफी धीमी गति से चल रहा है। 29 करोड़ की लागत से बन रहे 29 पिलर वाले इस 700 मीटर लंबे ब्रिज के कारण 28 जनवरी 2025 को फंदा रेलवे फाटक को यातायात के लिए स्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। इसके चलते भोपाल और सीहोर से आने-जाने वाले वाहनों को लसूड़िया परिहार अंडर ब्रिज, ग्राम पचामा, अब्दुल्लापुर और थुनाकला वाले वैकल्पिक मार्ग से निकाला जा रहा है।