national
VIDEO: राहुल गांधी ने पीएम मोदी और शाह को ललकारा, बोले- मार्च रोक सकते हैं, हमारी इच्छाशक्ति नहीं

INDIA Bloc Protest: राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “मैं INDIA गठबंधन के उन सभी सांसदों का आभारी हूं जो हमारे लोकतंत्र की रक्षा के लिए संसद में, सड़कों पर और आज जंतर-मंतर के पास मजबूती से डटे हुए हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “वे मार्च रोक सकते हैं. वे बैठक करने से मना कर सकते हैं. लेकिन वे हमारे लोगों की इच्छाशक्ति को नहीं रोक सकते.” राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और पूरे सिस्टम को जवाबदेह ठहराया जाएगा.
जनपथ से जंतर-मंतर तक विपक्ष का मार्च
‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों के नेता निर्वाचन आयोग के मुद्दे को लेकर लगातार दूसरे दिन सड़क पर उतरे. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से आयोजित दोपहर के भोज के बाद विपक्षी सांसद तीन बसों में सवार होकर जंतर-मंतर की ओर रवाना हुए.
करीब तीन घंटे चले इस मार्च में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए. विपक्षी सांसदों को अशोक रोड पर शांगरी-ला होटल के सामने पुलिस ने रोक दिया. इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया गया.
राहुल गांधी और कुछ अन्य नेताओं को एक टेंपो ट्रैवलर में बैठाकर मौके से ले जाया गया. उनके हिरासत में लिए जाने के बाद कई कांग्रेस कार्यकर्ता वाहन की छत पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे.
संविधान की प्रति लेकर सड़क पर लेट गईं प्रियंका
पुलिस द्वारा मार्च रोके जाने पर प्रियंका गांधी वाड्रा ने विरोध जताया. वह सड़क पर लेट गईं और उस समय उनके हाथ में संविधान की प्रति थी.
हिरासत में लिए गए राहुल गांधी और कुछ अन्य नेताओं को बाद में बाराखंबा थाने ले जाया गया. कुछ देर बाद उन्हें रिहा कर दिया गया. कांग्रेस ने दावा किया कि राहुल गांधी को जिस वाहन में ले जाया जा रहा था, उसे अग्रसेन की बावली के पास पार्टी कार्यकर्ताओं ने पंचर कर दिया.
कांग्रेस और विपक्ष के कुछ नेताओं ने पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लगाया.
‘ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन’
हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष का अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते.
उन्होंने कहा कि विपक्ष के करीब 300 सांसद बुधवार को चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया. राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने विपक्षी सांसदों को प्रदर्शन करने से भी रोका.
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष अब जंतर-मंतर जाकर प्रदर्शन करेगा और देश को बताएगा कि ज्ञानेश कुमार “देश के वैध मुख्य निर्वाचन आयुक्त नहीं हैं.”
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार पर लोकतंत्र को खत्म करने का आरोप लगाया. राहुल ने कहा कि इन लोगों पर कार्रवाई होगी और ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना पड़ेगा.
खरगे बोले- मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
दोपहर के भोज के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन के सभी सहयोगी दल जंतर-मंतर पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा.
खरगे ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग जो कुछ कर रहा है, उसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं. उन्होंने कहा कि विपक्षी दल मिलकर जनता को यह बताना चाहते हैं कि उसके अधिकार छीने जा रहे हैं.
खरगे ने कहा कि जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए विपक्षी नेताओं और सांसदों पर कितने भी मामले दर्ज किए जाएं, वे डरने या रुकने वाले नहीं हैं.
भोज में 100 से अधिक सांसद हुए शामिल
जंतर-मंतर जाने से पहले खरगे की ओर से जनपथ रोड स्थित ‘सागर रत्ना’ रेस्तरां में दोपहर के भोज का आयोजन किया गया. इसमें कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वाम दलों समेत विपक्ष के कम से कम 100 सांसद शामिल हुए.
हालांकि, समाजवादी पार्टी, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) का कोई प्रतिनिधि भोज में शामिल नहीं हुआ.
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि भोज का फैसला मंगलवार देर रात लिया गया था और उसी समय सभी दलों को इसकी जानकारी दी गई थी. उन्होंने कहा कि इसी वजह से कुछ दलों के प्रतिनिधि इसमें शामिल नहीं हो सके.
रमेश ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन और अन्य विपक्षी दल ‘वोट चोरी’, एसआईआर और परिसीमन के मुद्दे पर एकजुट हैं और एक-दूसरे के साथ खड़े हैं.
मंगलवार के प्रदर्शन की अगली कड़ी है बुधवार का मार्च
विपक्षी सांसदों का बुधवार का मार्च मंगलवार के घटनाक्रम की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है. मंगलवार को ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसद संसद से निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग के पास बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया था.
इसके बाद कई विपक्षी नेताओं और सांसदों ने वहीं धरना दिया था. दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कम से कम 260 लोगों को हिरासत में लिया था, जिनमें ‘इंडिया’ गठबंधन के 10 सांसद भी शामिल थे. बाद में सभी को रिहा कर दिया गया था.
विपक्षी दल निर्वाचन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगातार सवाल उठा रहे हैं.