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Video: 'मैं तो सौरव-अशुतोष के आदेश मानता था', अभिजीत दीपके ने बताया आंदोलन के पीछे किसका था दिमाग

INT News20 October 2026 at 07:45 pm

CJP Protest : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने खुलासा किया है कि पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास और अशुतोष रांका आंदोलन से जुड़े अहम फैसले लेते थे. उन्होंने खुद को दोनों के निर्देशों का पालन करने वाला बताया. दशहरे पर एक्स डॉट कॉम पर जारी करीब 16 मिनट के भावुक वीडियो संदेश में दीपके ने कहा कि सौरव और अशुतोष उनके भाई और परिवार जैसे हैं. दोनों की गिरफ्तारी ने उन्हें भावनात्मक रूप से प्रभावित किया है.

'आंदोलन को आगे बढ़ाने में सौरव और अशुतोष की बड़ी भूमिका'

दीपके ने वीडियो में कहा कि आंदोलन को आगे बढ़ाने में अशुतोष रांका और सौरव दास की बहुत बड़ी भूमिका रही है. उनके मुताबिक, बाहर से भले ही ऐसा लगता हो कि वह आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे, लेकिन वास्तविकता में ये दोनों ही फैसले लेते थे और उन्हें आगे की जिम्मेदारी बताते थे.

उन्होंने कहा कि दोनों की निर्णय लेने की क्षमता उनसे बेहतर है. दीपके ने यह भी बताया कि तीनों के बीच एक अलग व्हाट्सऐप ग्रुप था, जिसमें वे मीम साझा करते थे. दोनों के जेल जाने के बाद भी वह उस ग्रुप को खोलते हैं, ताकि उन्हें अपने साथ होने का एहसास हो सके.

दिवाली तक प्रदर्शन नहीं करने का ऐलान

वीडियो संदेश में दीपके ने कहा कि CJP की दिवाली तक कोई प्रदर्शन आयोजित करने की योजना नहीं है. उन्होंने पार्टी समर्थकों, जिन्हें ‘कॉकरोच’ कहा जाता है, से कुछ समय आराम करने और अपने परिवार के साथ वक्त बिताने की अपील की.

CJP पिछले कुछ महीनों में कई अभियानों को लेकर चर्चा में रही है. जुलाई में हुए आंदोलन के बाद पार्टी ने सरकारी स्कूलों की स्तिति को लेकर 'स्कूल ठीक करो' अभियान चलाया. इसके तहत पार्टी के सदस्य बीजेपी शासित राज्यों के सरकारी स्कूलों में पहुंचकर उनकी स्थिति को लेकर सवाल उठाते रहे. हाल के सप्ताहों में पार्टी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया और उससे जुड़े फैसलों को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीपे की मांग भी की थी.

'सौरव और अशुतोष मेरे भाई हैं'

दीपके ने वीडियो में भावुक होते हुए कहा कि सौरव दास और अशुतोष रांका उनके लिए सिर्फ राजनीतिक सहयोगी नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा हैं. उन्होंने कहा कि दोनों की गिरफ्तारी के बाद उनके परिवारों से मिलते हैं और उन्हें मजबूती देते हैं.

उन्होंने दोनों के व्यवहार की तुलना महात्मा गांधी के सत्याग्रह से करते हुए दावा किया कि जेल जाने के बावजूद उन्होंने शांति और अहिंसा का रास्ता नहीं छोड़ा. दीपके ने कहा कि दोनों ने कथित अन्याय के बावजूद गुस्से और नफरत के बजाय शांति और करुणा का रास्ता चुना.

फ्रांस की हिंसा से CJP आंदोलन की तुलना पर जताई आपत्ति

दीपके ने CJP के आंदोलन की तुलना फ्रांस में हुए हिंसक प्रदर्शनों से किए जाने पर भी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि सौरव दास और अशुतोष रांका ने शांतिपूर्ण प्रतिरोध का रास्ता अपनाया, जबकि फ्रांस में प्रदर्शनों के दौरान कई शहरों में आगजनी और लूटपाट की घटनाएं हुईं.

गौरतलब है कि सौरव दास और अशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की कोशिश के बाद हिरासत में लिया गया था. आरोप है कि दोनों ने बंद गेट फांदकर उस परिसर में प्रवेश किया, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किया गया था. पुलिस के अनुसार, दोनों ने शांति बनाए रखने से संबंधित बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने के बाद उसका उल्लंघन भी किया था.

इसके बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. दीपके के ताजा बयान के बाद CJP के आंदोलन में तीनों नेताओं की भूमिका और उनके आपसी संबंध चर्चा में आ गए हैं.

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