समाचार · झारखंड
सिदो-कान्हू को नमन कर जल-जंगल-जमीन और संस्कृति की रक्षा का लिया संकल्प

जमशेदपुर | परसुडीह क्षेत्र के हलुदबनी-बागानटोला में विश्व आदिवासी दिवस पर आदिवासी समाज की एकजुटता और अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान देखने को मिला. समारोह में ग्रामीण अखड़ा में एकत्रित हुए और अमर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. धूप-दीप जलाकर शहीदों को नमन किया गया. इस दौरान उपस्थित लोगों ने उनके बताए मार्ग पर चलने और उनके सपनों को साकार करने का संकल्प लिया.
सिदो-कान्हू के बलिदान को किया याद
कार्यक्रम का नेतृत्व माझी बाबा अनंत कुमार हेंब्रम और पूर्व माझी बाबा रामसाय सोरेन ने किया. समारोह के दौरान वीर शहीद सिदो-कान्हू के संघर्ष और बलिदान को याद किया गया. ग्रामीणों ने कहा कि शहीदों का संघर्ष आज भी समाज को अपनी पहचान और अधिकारों के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है.
जल-जंगल-जमीन और अधिकारों की रक्षा का संदेश
समारोह को संबोधित करते हुए माझी बाबा अनंत कुमार हेंब्रम ने कहा - वीर शहीदों ने जल, जंगल, जमीन और आदिवासी समाज के अधिकार, सम्मान व अस्तित्व की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया. उनका संघर्ष और बलिदान हमेशा समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा. उन्होंने ग्रामीणों का आह्वान करते हुए कहा कि अपनी भाषा, संस्कृति, परंपरा, पहचान और अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए पूरे समाज को एकजुट होकर आगे आने की जरूरत है. अपनी जड़ों और विरासत को बचाने के लिए लगातार प्रयास करना होगा.