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मुस्कान सुसाइड केस में पंचायत के फैसले पर परिवार सहमत:रोहतक थाने में मायके पक्ष ने लिखित में दिया समय, 31 अगस्त तक न करें कार्रवाई
रोहतक के गांव बहु अकबरपुर निवासी इंटरनेशनल कबड्डी प्लेयर शीलू बल्हारा की पत्नी मुस्कान बल्हारा के सुसाइड मामले में दोनों परिवारों के बीच पंचायती तौर पर कुछ मांगों को लेकर सहमति बन गई है। इसके बाद मुस्कन के पिता सुखबीर सिंह की तरफ से थाना बहुअकबरपुर में शीलू के परिवार पर 31 अगस्त तक कार्रवाई न करने को लेकर लिखित में दिया गया है। अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी शीलू बल्हारा की पत्नी मुस्कान बल्हारा ने 31 जुलाई की शाम को फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मुस्कान के मायके पक्ष ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने सहित अन्य आरोप लगाते हुए केस दर्ज करवाया था। हालांकि बाद में हुई पंचायतों के बाद 12 अगस्त तक शीलू व उसके परिवार पर कार्रवाई न करने के लिए पुलिस को लिखित में दिया गया था। 11 अगस्त को हुई पंचायत में हुआ समझौता
गांव बहुअकबरपुर व गांव फरमाना के बीच 11 अगस्त को पंचायत हुई, जिसमें शीलू बल्हारा का परिवार व मृतका मुस्कान का परिवार मौजूद रहा। दोनों के बीच पंचायती तौर पर 4 मांगों को लेकर सहमति बनी, जिसके बाद फरमाना की पंचायत ने शीलू के परिवार को 31 अगस्त तक का समय दिया है। थाने में सुखबीर ने शीलू के परिवार पर कार्रवाई न करने बारे लिखा
मुस्कान बल्हारा के पिता सुखबीर ने 11 अगस्त को हुई पंचायत के बाद थाना बहुअकबरपुर जाकर लिखित में एसएचओ को दिया कि 31 अगस्त तक शीलू के परिवार पर कोई कार्रवाई न की जाए। शीलू के परिवार को यह समय इसलिए दिया गया कि जो पंचायत में निर्णय हुआ, उसे पूरा किया जा सके। एफडी व जमीन बेटे के नाम नहीं की तो आगे की बनाएंगे रणनीति
पंचायत के दौरान फरमाना गांव की पंचायत ने शीलू बल्हारा के परिवार को माफ करते हुए शीलू के बेटे के नाम जमीन व एफडी करने की शर्त रखी थी। इन्हीं शर्तों को पूरा करने के लिए समय दिया गया है। अगर 31 अगस्त तक शीलू के बेटे के नाम जमीन व एफडी नहीं होती है तो दोबारा मामले में पंचायत हो सकती है। पंचायत में इन मांगों को लेकर बनी सहमति
गांव का मकान शीलू के बेटे के करवाएंगे नाम : गांव के बाहरी क्षेत्र में बने करीब 450 गज के मकान को शीलू के बेटे के नाम करवाने की मांग रखी गई, जिस पर गांव बहुअकबरपुर की पंचायत ने सहमति जताई। एकेडमी की जमीन करवाएंगे नाम : गांव फरमाना की पंचायत ने मांग रखी कि एकेडमी बनाने के लिए जो 4 बीघा जमीन खरीदी गई थी, वह भी शीलू के बेटे के नाम की जाए। इस पर भी गांव बहुअकबरपुर की पंचायत ने सहमति जता दी। 50 लाख की करवाएंगे एफडी : पंचायत में फरमाना की तरफ से मांग आई कि शीलू के बेटे के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए 50 लाख रुपए की एफडी करवाई जाए। इस पर भी गांव बहुअकबरपुर की पंचायत ने सहमति जता दी। गांव के दो-तीन प्लाट नाम करवाने की मांग : फरमाना गांव की पंचायत ने शीलू के हिस्से के गांव में जो दो-तीन प्लाट है, वो भी बेटे के नाम करवाने की मांग की। इस पर भी पंचायत ने सहमति जता दी और कुछ दिन का समय मांगा। 10 दिन का फरमाना की पंचायत ने दिया समय : पंचायत के दौरान एफडी करवाने व जमीन नाम करवाने के लिए गांव फरमाना की पंचायत ने 10 दिन का समय दिया है। गांव बहुअकबरपुर की पंचायत ने एक सप्ताह के अंदर एफडी करवाने व जमीन नाम करवाने का आश्वासन दिया। अब तक ऐसे चला घटनाक्रम
31 जुलाई को मुस्कान ने लगाई फांसी
गांव बहुअकबरपुर में 31 जुलाई को मुस्कान बल्हारा ने शाम करीब 4 बजे फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना का पता चलने पर मुस्कान के मायके पक्ष के लोग पहुंचे और काफी हंगामा हुआ। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए डेड हाउस भेजा गया। 1 अगस्त को दहेज हत्या की धारा में केस हुआ दर्ज
31 जुलाई की रात को गांव बहुअकबरपुर व गांव फरमाना के बीच पंचायत हुई, लेकिन सहमति न बनने के कारण रात करीब 2 बजे के बाद दहेज हत्या की धारा में थाना बहुअकबरपुर में मायके पक्ष की तरफ से केस दर्ज करवाया गया। 1 अगस्त को हुआ अंतिम संस्कार
मुस्कान के शव का एक अगस्त को पोस्टमॉर्टम करवाया गया, जिसके बाद डेड हाउस में ही पंचायत के दौरान अंतिम संस्कार गांव बहुअकबरपुर में करने का निर्णय लिया। शाम को गांव में मुस्कान का अंतिम संस्कार उसके पति शीलू बल्हारा ने किया। जिसके बाद पुलिस ने शीलू व उसके परिवार को हिरासत में ले लिया। 2 अगस्त को हुई पंचायत में शीलू के पिता को दी राहत
दोनों गांवों के बीच पंचायतों का दौर शुरू हुआ और दो अगस्त को दोनों गांवों की पंचायत के बीच निर्णय लिया कि शीलू के पिता सुरेंद्र को मुस्कान की तेरहवीं तक राहत दी जाए। इसके बाद पुलिस को गांव फरमाना की पंचायत की तरफ से लिखकर दिया गया। 4 अगस्त को शीलू के परिवार को 12 अगस्त तक दी राहत
दोनों गांवों के बीच पंचायतों का दौर चलता रहा और 4 अगस्त को सहमति बनी कि शीलू के पूरे परिवार को 12 अगस्त तक पुलिस हिरासत से बाहर रखा जाए। 12 अगस्त को दोबारा पंचायत करके आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा। 10 अगस्त को हुई मुस्कान की तेरहवीं
शीलू बल्हारा की पत्नी मुस्कान बल्हारा की तेरहवीं की रस्म 10 अगस्त को गमगीन माहौल में संपन्न करवाई गई। इस दौरान दोनों गांवों की पंचायत व परिवार के लोग मौजूद रहे। तेरहवीं के बाद भी आपस में बातचीत की गई और दोबारा पंचायत का निर्णय लिया। 11 अगस्त को पंचायत में बनी सहमति
11 अगस्त को गांव फरमाना में पंचायत हुई, जिसमें दोनों गांवों के बीच सहमति बन गई। फरमाना गांव की पंचायत ने जो मांग रखी, उन्हें गांव बहुअकबरपुर की पंचायत ने मान लिया। इस मामले में पंचायत ने 31 अगस्त तक का समय भी दिया है। थाने में लिखकर दिया, 31 अगस्त का समय
मुस्कान के पिता सुखबीर ने बताया कि पंचायत के बाद थाने में शीलू के परिवार को 31 अगस्त तक का समय दिया गया है। पंचायत में जो निर्णय लिए गए है, उन्हें पूरा करने के लिए यह समय दिया है। अगर इस समय में पंचायती निर्णय लागू नहीं हुए तो आगे की बात पंचायत ही तय करेगी। पुलिस मामले में कर रही जांच
डीएसपी तनुज शर्मा ने बताया कि शीलू बल्हारा की पत्नी मुस्कान बल्हारा सुसाइड केस में दोनों गांवों की पंचायत जो भी फैसला करे, उससे पुलिस को कोई मतलब नहीं है। पंचायत अपना फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है। पुलिस मामले में अपनी जांच कर रही है। जांच के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।