समाचार · मध्य प्रदेश
झाबुआ में विहिप की कलश-कांवड़ यात्रा:वक्ताओं ने हिंदू राष्ट्र स्थापना, मतांतरण और गोहत्या रोकने पर दिया जोर
झाबुआ में सोमवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) धर्म प्रसार विभाग ने एक कलश और कांवड़ यात्रा निकाली। स्वर्गीय अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में यह यात्रा देवझीरी से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए झाबुआ बस स्टैंड पर समाप्त हुई। इस अवसर पर वक्ताओं ने हिंदू राष्ट्र की स्थापना, मतांतरण रोकने और गोहत्या जैसे मुद्दों पर अपने विचार रखे। क्षेत्रीय संगठन मंत्री राजाराम ने अपने संबोधन में हिंदू समाज की एकता पर जोर दिया। उन्होंने सभी हिंदुओं से मिलजुलकर रहने का आह्वान किया। राजाराम ने बाहरी शक्तियों से सावधान रहने की अपील करते हुए आरोप लगाया कि ये ताकतें देश पर राज करने के लिए हिंदुओं को आपस में लड़ाने का प्रयास कर रही हैं। मालवा प्रांत उपाध्यक्ष संतश्री कमलजी महाराज ने देश की एकता और अखंडता की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा और जातियों में बटने से बचना चाहिए। झाबुआ और आलीराजपुर में हो रहे मतांतरण पर चिंता व्यक्त करते हुए जिलाध्यक्ष आजाद प्रेमसिंह ने इसे हर हाल में रोकने की बात कही। उन्होंने यह भी बताया कि जन्म से हिंदू होने के बावजूद अन्य धर्म अपनाना अनुचित है। प्रेमसिंह ने समाज से 'डिलीस्टिंग' और गोहत्या को पूरी तरह बंद करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इस आयोजन में प्रांत सहमंत्री संजय होलकर, जिला प्रमुख महेश काग, प्रांत प्रमुख पवन बंजारा, संत कमल महाराज, विभाग मंत्री राजू निनामा और जिला मंत्री कैलाश भाभर सहित कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। देवझीरी से शुरू हुई इस यात्रा का शहर में विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया गया। डीआरपी लाइन के सामने कैबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया, जिलाध्यक्ष भानू भूरिया, नगर पालिका सभापति विजय चौहान, बिट्टू सिंगार और नगर पालिका के पार्षदों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का अभिनंदन किया।