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Hormuz Strait: 5 साल बाद काम का नहीं रहेगा अमेरिका-ईरान के बीच जंग का अखाड़ा, जानें क्यों

दुनिया के करीब 20% तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) के कारोबार के लिए होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) बेहद महत्वपूर्ण है. दुनिया के इस सबसे अहम समुद्री रास्ते को लेकर नया दावा सामने आया है. HSBC ग्रुप के सीईओ जॉर्जेस एलहेडेरी का कहना है कि अगले पांच साल में होर्मुज स्ट्रेट की अहमियत काफी कम हो सकती है.
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर क्या बोले HSBC के सीईओ?
रॉयटर्स की 20 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक,
जॉर्जेस एलहेडेरी दुबई में आयोजित HSBC फ्यूचर फोरम में बोलते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में जारी तनाव के बीच खाड़ी देश अब ऐसे विकल्प तैयार करने में निवेश कर रहे हैं, जिनसे तेल और गैस की सप्लाई के लिए होर्मुज स्ट्रेट पर निर्भरता कम की जा सके.
एलहेडेरी का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध और मौजूदा दूसरे संघर्ष ने दुनिया को इस समुद्री रास्ते पर अपनी निर्भरता का एहसास कराया है. अगर वैकल्पिक रास्तों और ऊर्जा ढांचे में पर्याप्त निवेश किया जाता है, तो आने वाले वर्षों में खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था को संकट से उबरने में मदद मिल सकती है.
हालांकि, उनके बयान का मतलब यह नहीं है कि पांच साल बाद होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद हो जाएगा या उसका इस्तेमाल खत्म हो जाएगा. उनका इशारा इस बात की ओर है कि नए रास्ते विकसित होने से इसकी रणनीतिक अहमियत पहले जैसी नहीं रहेगी.
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एलहेडेरी के इस दावे की पीछे वजह क्या?
फ्यूचर फोरम में सीईओ एलहेडेरी ने कहा कि खाड़ी देशों में तेल निकालने वाली जगहों को बंदरगाहों से जोड़ने वाली पाइप लाइन बनाने में निवेश किया जाना चाहिए. इससे इन देशों को युद्ध के कारण होने वाले आर्थिक नुकसान से निपटने में मदद मिलेगी. उनका मानना है कि खाड़ी देश इस संकट से उबरकर फिर से तरक्की कर सकते हैं. हालांकि, इसके लिए नए रास्ते बनाने और जरूरी सुविधाओं को बेहतर करने में बड़े पैमाने पर निवेश करना होगा.
एचएसबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, मिडिल ईस्ट, नॉर्थ अफ्रीका और तुर्किये में आने वाले समय में शुरू होने वाली और अभी जिन पर काम तय नहीं हुआ है, ऐसी परियोजनाओं की कुल कीमत करीब 1.4 ट्रिलियन डॉलर है. इसमें 872 अरब डॉलर की अलग-अलग परियोजनाएं शामिल हैं. HSBC के एक सर्वे में 1,600 से ज्यादा कारोबारियों और करीब 820 बड़े निवेशकों ने हिस्सा लिया. सर्वे के मुताबिक, खाड़ी देशों को आज भी निवेश के लिए एक अच्छी जगह माना जा रहा है.
एलहेडेरी के मुताबिक, ऊर्जा की सप्लाई और सामान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए नए रास्ते बनाने में बड़ा निवेश करने से इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को फिर से रफ्तार मिल सकती है. हालांकि, युद्ध और तनाव के कारण आर्थिक चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं.
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क्यों कम हो सकती है होर्मुज पर निर्भरता?
होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. सऊदी अरब, इराक, कुवैत, कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे ऊर्जा उत्पादक देशों के लिए यह अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है. लेकिन इस मार्ग पर तनाव बढ़ने से तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने का खतरा पैदा होता है. इसी वजह से खाड़ी देश ऐसे विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, जिनमें तेल उत्पादन वाले क्षेत्रों को दूसरे बंदरगाहों से जोड़ने वाली पाइपलाइन और वैकल्पिक परिवहन मार्ग शामिल हैं.
अगर इन परियोजनाओं की क्षमता बढ़ती है, तो तेल की ज्यादा मात्रा होर्मुज से गुजरे बिना ही अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सकती है. इससे किसी संघर्ष या समुद्री नाकाबंदी की स्थिति में सप्लाई बाधित होने का जोखिम कुछ हद तक कम हो सकता है. फिर भी, पाइपलाइन और दूसरे रास्ते हर तरह की ऊर्जा सप्लाई का विकल्प नहीं बन सकते. उनकी क्षमता, लागत और निर्माण में लगने वाला समय भी अहम होगा. इसलिए होर्मुज की उपयोगिता पूरी तरह खत्म होने का दावा फिलहाल एक अनुमान है, तय भविष्य नहीं.
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