Friday, 14 August 2026
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पुल के अभाव में ग्रामीणों ने बनाया लकड़ी का पुल:कांकेर में स्कूली बच्चों से बुजुर्ग और किसान तक इसी रास्ते पर निर्भर,जोखिम भरा आवागमन

INT News14 August 2026 at 03:58 pm

कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत बांसकुंड में पक्के पुल के अभाव ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वर्षों से पुल निर्माण का इंतजार कर रहे ग्रामीणों ने बारिश के मौसम में नदी पार करने के लिए खुद लकड़ियों और बांस से अस्थायी पुल तैयार किया है। यही पुल अब स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, किसानों और अन्य ग्रामीणों के लिए आवागमन का मुख्य सहारा बना हुआ है।

हर साल ग्रामीण खुद बनाते हैं पुल ग्रामीणों के अनुसार, नदी पर पक्का पुल नहीं होने के कारण वे हर साल आपसी सहयोग से लकड़ियों और बांस की मदद से अस्थायी पुल बनाते हैं। पहले बारिश के दौरान लोगों को पानी के बीच से या एनीकट के पिल्लरों के सहारे नदी पार करनी पड़ती थी। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ लकड़ी का यह पुल भी जोखिम भरा हो जाता है। इसके बावजूद ग्रामीण स्कूल, खेत, बाजार और रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए इसी रास्ते से आने-जाने को मजबूर हैं। मरीजों को खाट पर नदी पार कराने की मजबूरी सबसे ज्यादा परेशानी आपातकालीन स्थिति में होती है। अस्थायी पुल से वाहन नहीं गुजर सकते। ऐसे में बीमार और गर्भवती महिलाओं को खाट के सहारे नदी पार कराकर अस्पताल ले जाना पड़ता है। किसानों को खाद-बीज और खेती का सामान भी पैदल नदी पार ले जाना पड़ता है। कई बार आवेदन, अब तक निर्माण का इंतजार ग्रामीणों का कहना है कि पक्के पुल के लिए कई बार अधिकारियों को आवेदन दिया गया और मौके पर नाप-जोख भी हुई, लेकिन अब तक निर्माण शुरू नहीं हो सका। प्रशासन के अनुसार, पुल निर्माण के लिए एस्टीमेट तैयार हो चुका है और प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। बारिश का मौसम खत्म होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। ऐसे में ग्रामीणों की सालों पुरानी समस्या कब खत्म होगी, यह फिलहाल बड़ा सवाल बना हुआ है।