मध्य प्रदेश में नौतपा के बीच मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। ग्वालियर में शुक्रवार सुबह 6 बजे से रुक-रुक कर, जबकि मुरैना जिले में तेज बारिश हुई। अचानक बदले मौसम से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है। बता दें कि गुरुवार को भी दमोह समेत कई जिलों में ओले गिरे और बारिश हुई। मौसम विभाग ने शुक्रवार को ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, वहीं भोपाल, जबलपुर समेत 27 जिलों में हीटवेव का येलो अलर्ट है। यहां पारा 43 डिग्री के ऊपर ही रहेगा। देखिए बारिश की तस्वीरें मौसम की डिटेल नीचे बताएंगे, उससे पहले नौतपा के दौरान सेहत का ख्याल रखने वाली ये खबर पढ़ लीजिए… पेट्स को भी लग सकती है लू: डॉक्टर से जानें गर्मियों में क्या खिलाएं, कब घुमाएं और किन गलतियों से बचें? गर्मियों में टेम्परेचर बढ़ने का असर इंसानों के साथ जानवरों की सेहत पर भी पड़ता है। नौतपा में कई शहरों का तापमान 45° पार कर रहा है। इससे डॉग्स और कैट्स जैसे पेट्स को हीट स्ट्रेस और हीट स्ट्रोक का रिस्क कई गुना बढ़ गया है। पूरी खबर पढ़ें… अब जानिए प्रदेश के मौसम का हाल… प्रदेश के 10 शहरों में पारा 45 डिग्री पार…खजुराहो सबसे गर्म 25 मई से नौतपा की शुरुआत हुई है। इसके पहले दिन से ही प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया। 18 मई से खजुराहो-नौगांव सबसे गर्म बने हुए हैं। इस अवधि में यहां अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 47 डिग्री के पार पहुंच गया। नौतपा के चौथे दिन गुरुवार को मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर देखने को मिला। 10 शहर ऐसे रहे, जहां पारा 45 डिग्री या इसके पार पहुंच गया। खजुराहो सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 46.5 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़ में 46 डिग्री, दतिया में 45.7 डिग्री, नौगांव, दमोह-मलाजखंड में 45.5 डिग्री, टीकमगढ़ में 45.2 डिग्री, सतना में 45.1 डिग्री, मंडला-सागर में 45 डिग्री रहा। इसी तरह गुना में 44.7 डिग्री, श्योपुर में 44.6 डिग्री, रायसेन में 44.2 डिग्री, रीवा-छिंदवाड़ा में 44 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में सबसे ज्यादा 44.7 डिग्री, जबलपुर में 44 डिग्री, भोपाल में 43.8 डिग्री, इंदौर में 41.8 डिग्री और उज्जैन में पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया कल से हीटवेव नहीं, ओले गिरने का अनुमान मौसम विभाग की मानें तो 3 दिन, यानी 30-31 मई और 1 जून को प्रदेश में कहीं ओले गिरेंगे तो कहीं तेज आंधी के साथ बारिश हो सकती है। 30 मई को अधिकांश जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इंदौर-नर्मदापुरम संभाग में ही गर्मी रह सकती है। 31 मई और 1 जून को भी ऐसा ही मौसम रहेगा। इन 3 दिनों में कहीं भी हीटवेव का अलर्ट नहीं है। भोपाल में हर साल नौतपा में बारिश भोपाल में 14 साल में 7 बार नौतपा के दौरान बारिश दर्ज हुई, जबकि 2 बार बूंदाबांदी हुई। इस बार शुरुआत में ही बूंदाबांदी हो गई। 2018 और 2019 में सबसे ज्यादा तपिश रही, जब औसत तापमान 43 से ऊपर पहुंचा था। आज इन जिलों में हीटवेव-बारिश का अलर्ट 6 जिलों में तीव्र लू का ऑरेंज अलर्ट: ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर। 27 जिलों में लू का येलो अलर्ट: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सागर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, नरसिंहपुर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, जबलपुर, दमोह, कटनी, पन्ना, सतना, मैहर, उमरिया, शहडोल, खरगोन, भिंड, दतिया, खंडवा, बुरहानपुर। 11 जिलों में तेज गर्मी: इंदौर, उज्जैन, देवास, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार और रतलाम। यहां आंधी-बारिश भी: छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली। मैप से समझें…4 दिन ऐसा रहेगा मौसम मौसम विभाग ने 29 मई से 1 जून तक के लिए मौसम का फोरकास्ट जारी किया है। इसके अनुसार, शुक्रवार को प्रदेश में ओलावृष्टि, गर्मी और बारिश वाला मौसम रहने का अनुमान है। 30 मई से प्रदेश में बारिश का दौर ही रहेगा। हीटवेव का अलर्ट नहीं है। लू से बचने के लिए दोपहर में घर में ही रहें मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे ने बताया कि दोपहर 12 से 3 बजे तक गर्मी का ज्यादा असर रहेगा। ऐसे में लोग जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें। दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। हलके रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें। मई में MP के 5 बड़े शहरों में ऐसा ट्रेंड भोपाल में गर्मी के साथ बारिश का भी दौर भोपाल में मई में तेज गर्मी के साथ बारिश का ट्रेंड भी रहा है। यहां 2016 में तापमान रिकॉर्ड 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। 2014 से 2023 तक हर साल मई में बारिश दर्ज की गई। 2021 और 2023 में 2 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। इस बार भी मई में बारिश का अलर्ट है। इंदौर में 2023 में गिरा था 3 इंच पानी इंदौर में मई में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 31 मई 1994 को यहां रिकॉर्ड 46.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। मई में मौसम बदलने के साथ बादल और बौछारें भी होती हैं। पिछले साल करीब 3 इंच बारिश हुई थी। यहां 2014 से 2023 के बीच 9 बार मई में बारिश हो चुकी है। ग्वालियर में 48 डिग्री के पार पहुंच चुका पारा ग्वालियर में प्रदेश के अन्य बड़े शहरों की तुलना में ज्यादा गर्मी पड़ती है। 10 साल में यहां तापमान एक बार 47 डिग्री और तीन बार 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 30 मई 1947 को यहां रिकॉर्ड 48.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। मौसम में बदलाव के कारण मई में ग्वालियर में बारिश भी होती है। 17 मई 1953 को 24 घंटे में सर्वाधिक 41.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी। 2023 में भी यहां ढाई इंच पानी गिरा था। जबलपुर में 3 बार 45 डिग्री पार कर चुका तापमान जबलपुर में 25 मई 1954 को तापमान रिकॉर्ड 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। 10 साल में तीन बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार गया है। मई में यहां बारिश का ट्रेंड भी रहा है। 2014 से 2023 तक हर साल इस महीने बारिश हुई। जबलपुर में 2021 की मई में 3 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी, जबकि पिछले साल करीब 2 इंच पानी गिरा था। उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंड उज्जैन में मई में गर्मी और बारिश दोनों का ट्रेंड रहता है। 22 मई 2010 को यहां तापमान रिकॉर्ड 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। 2014 से 2023 के बीच एक बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार गया। हालांकि, पिछले साल तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा नहीं पहुंचा। मई में यहां बारिश भी होती है। पिछले साल करीब पौन इंच पानी गिरा था।
एमपी- ग्वालियर और मुरैना में बारिश:6 जिलों में लू, आंधी-बारिश और ओले का अलर्ट, 27 जिलों में 43 डिग्री के ऊपर रहेगा पारा
