190 फीट ऊंचे टॉवर से गिरकर इंजीनियर की मौत:ग्रेटर नोएडा में सिग्नल चेक करने चढ़ा था, सेफ्टी बेल्ट का लॉक टूटा

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ग्रेटर नोएडा में मोबाइल टॉवर से गिरकर इंजीनियर की मौत हो गई। नेटवर्क में खराबी आने पर वह टॉवर पर चढ़कर सिग्नल की जांच कर रहे थे। इसी दौरान उनकी सेफ्टी बेल्ट का लॉक टूट गया और वह करीब 190 फीट ऊंचाई से नीचे गिर पड़े। इंजीनियर जिस टॉवर पर चढ़े थे, वह एयरटेल कंपनी का बताया जा रहा। मृतक की पहचान फिरोजाबाद जिले के धर्मपुर गांव निवासी शांतनु (30) के रूप में हुई है। घटना गुरुवार शाम रबूपुरा क्षेत्र के चांदपुर गांव की है। घटनास्थल की 2 तस्वीरें… सिग्नल चेकिंग के बीच सेफ्टी बेल्ट खुली
चांदपुर गांव में लगे एयरटेल कंपनी के टॉवर पर पिछले कई दिनों से नेटवर्क की समस्या आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत कंपनी से की थी। शिकायत पर कंपनी की ओर से नेटवर्क इंजीनियर शांतनु शुक्रवार को टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सिग्नल की जांच करने के लिए शांतनु खुद टॉवर पर चढ़े। उन्होंने सुरक्षा के लिए हेलमेट और सेफ्टी बेल्ट पहन रखी थी। करीब 190 फीट की ऊंचाई पर पहुंचकर वह सिग्नल चेक कर रहे थे। तभी अचानक उनकी सेफ्टी बेल्ट का लॉक टूट गया और वह नीचे गिर गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। साथियों ने पुलिस की मदद से उन्हें तुरंत कासना स्थित जिम्स अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। भाई बोले- 4 साल से एयरटेल में नौकरी कर रहा था शांतनु के भाई देवेश कुमार ने बताया- वह नोएडा के सेक्टर-62 स्थित एयरटेल ऑफिस में काम करता था। वह पिछले 4 सालों से कंपनी में नेटवर्क इंजीनियर था। शांतनु 25 मई को ही गांव आया था। 27 मई को वापस नोएडा चला गया। उन्होंने कहा कि हमारी माता का नाम मीना देवी और पिता का नाम श्याम है। हम 4 भाई-बहन हैं। मैं और विजय कुमार शांतनु से बड़े हैं, जबकि एक बहन चंचल भी है। परिजनों ने पूछा- शाम 5 बजे के बाद टॉवर पर क्यों चढ़ाया मृतक की बड़ी भाभी कनतेश ने बताया- नोएडा से हमारे पास फोन आया था कि आपके भाई गिर गए हैं। इसके बाद हमने शांतनु को फोन किया, लेकिन फोन नहीं लगा। शांतनु के साथ रहने वाले एक व्यक्ति को भी फोन किया, लेकिन उनका फोन बंद मिला। हमारे परिवार के लोग नोएडा पहुंचे, तब पूरी घटना की जानकारी मिली। यह घटना गुरुवार शाम करीब साढ़े 5 से 6 बजे के बीच की है। जबकि, नियम के अनुसार, शाम 5 बजे के बाद टॉवर पर चढ़ने की अनुमति नहीं होती। इसके बावजूद देवर शांतनु को टॉवर पर चढ़ाया गया। शांतनु की बुलंदशहर-मेरठ क्षेत्र में ड्यूटी रहती थी। उन्हें नोएडा की साइट पर काम के लिए भेजा गया था। आगरा में भी सेफ्टी बेल्ट टूटने से बच्चे की हुई थी मौत 5 दिन पहले ग्रेटर नोएडा जैसा हादसा आगरा में भी हुआ था। 24 मई को फिरोजाबाद के चूड़ी कारोबारी पंकज अग्रवाल और उनकी पत्नी के सामने उनके 16 साल के बेटे कुनाल की जिप लाइन झूले से गिरकर मौत हो गई थी। आगरा में वह 45 फीट ऊंचे झूले से सिर के बल नीचे गिरा था। कुनाल जैसे ही जिप लाइन में एक छोर से दूसरे छोर की तरफ बढ़ा, उसकी सेफ्टी बेल्ट का हुक टूट गया था। रेलिंग से टकराता हुआ, वह नीचे गिर गया था। मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई थी। बेटा जब जिप लाइन झूले पर था, तो नीचे मां और छोटा भाई उसका वीडियो बना रहे थे। पूरा हादसा उनके फोन में रिकॉर्ड हो गया था। कुनाल का परिवार फिरोजाबाद से आगरा घूमने आया था। …………………… ये खबर भी पढ़ें.,. सीतापुर में चलती बस से गिरकर महिला टीचर की मौत:थूकने के लिए गेट पर आईं, बैलेंस बिगड़ने से सड़क पर गिरीं, सिर फटा सीतापुर में इंटर कॉलेज की महिला टीचर की चलती बस से गिरकर मौत हो गई। वह थूकने के लिए बस के गेट पर आई थीं। जैसे ही अपना मुंह गेट के बाहर किया, तभी उनका बैलेंस बिगड़ा गया और नीचे गिर गईं। कंडक्टर ने पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह बचा नहीं सका। बस की स्पीड अधिक होने के कारण टीचर को गंभीर चोटें आईं। उनका सिर फट गया। सड़क पर खून फैल गया। पूरी खबर पढ़िए…