Saturday, 18 July 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

समाचार · मध्य प्रदेश

'हर टूटा हुआ शादी का वादा दुष्कर्म नहीं':हाईकोर्ट बोला- सिर्फ शादी से इनकार करना अपराध नहीं; रेप, आत्महत्या के लिए उकसाने में आरोपी बरी

INT News17 July 2026 at 11:34 pm

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि शादी का वादा पूरा नहीं होना या बाद में विवाह से इनकार कर देना मात्र किसी व्यक्ति को दुष्कर्म और आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दुष्कर्म का अपराध तभी बनता है, जब यह साबित हो कि आरोपी ने शुरू से ही शादी करने की मंशा नहीं रखी और केवल शारीरिक संबंध बनाने के उद्देश्य से झूठा वादा किया था। जस्टिस राजेंद्र कुमार वानी की सिंगल बेंच ने शुक्रवार को ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा को निरस्त करते हुए आरोपी को सभी आरोपों से बरी कर दिया। दरअसल एक मामले में आरोपी और युवती के बीच प्रेम संबंध थे। आरोप था कि युवक ने शादी का भरोसा देकर युवती से शारीरिक संबंध बनाए, जिससे वह गर्भवती हो गई। बाद में विवाह से इनकार करने पर युवती ने आत्महत्या कर ली। डीएनए जांच में आरोपी को गर्भस्थ शिशु का जैविक पिता पाया गया था। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पाया कि दोनों के संबंधों की जानकारी युवती के परिवार को भी थी और उन्होंने कभी इसका विरोध नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि आरोपी ने शुरुआत से ही धोखा देने की नीयत से विवाह का वादा किया था। ऐसे में दोनों के बीच बने संबंधों को सहमति से स्थापित संबंध माना जाएगा, न कि दुष्कर्म। आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप पर भी कोर्ट ने कहा कि केवल शादी से इनकार करना या विवाह के लिए शर्त रखना, आत्महत्या के लिए उकसाने की श्रेणी में नहीं आता। अभियोजन यह साबित नहीं कर सका कि आरोपी ने ऐसा कोई प्रत्यक्ष कृत्य किया, जिसने युवती को आत्महत्या के लिए उकसाया हो। कोर्ट ने निष्कर्ष निकाला कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। इसी आधार पर ट्रायल कोर्ट का फैसला रद्द करते हुए आरोपी को बरी कर दिया गया।