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दिनेश मकवाना आत्महत्या केस- आबकारी अधिकारी को राहत:डिवीजन बेंच ने पलटा सिंगल बेंच का फैसला; CBI जांच के आदेश और FIR, दोनों रद्द
चर्चित दिनेश मकवाना आत्महत्या प्रकरण में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने शुक्रवार को सिंगल बेंच द्वारा दिए गए सीबीआई जांच के आदेश को निरस्त कर दिया। इसके साथ ही सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर भी रद्द कर दी गई। मामला शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना की आत्महत्या से जुड़ा है, जो उस समय काफी चर्चाओं में रहा था। आत्महत्या के पीछे प्रशासनिक दबाव और अधिकारियों की भूमिका को लेकर उठे सवालों के बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा था। सुनवाई के दौरान सिंगल बेंच ने उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित की भूमिका की जांच सीबीआई से कराने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इस आदेश को चुनौती देते हुए दायर अपील पर सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले को पलट दिया। अदालत ने माना कि मामले में सीबीआई जांच जारी रखने के लिए पर्याप्त आधार नहीं हैं। इसी के चलते जांच के आदेश निरस्त कर दिए गए और सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर भी रद्द कर दी गई। कानूनी स्थिति में आया बड़ा बदलाव डिवीजन बेंच के फैसले के बाद मंदाकिनी दीक्षित के खिलाफ सीबीआई जांच की प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त हो गई है। कोर्ट के आदेश के बाद अब इस प्रकरण में सीबीआई की कोई जांच नहीं होगी।