Thursday, 3 September 2026
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बिजली गई तो अब देना होगा हिसाब, 11 और 33 केवी फीडरों की रोज होगी मॉनिटरिंग

INT News3 September 2026 at 09:38 am

Jharkhand Power Supply: राज्य में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति के दावे के बीच अब बिजली कटौती, ब्रेकडाउन और ट्रिपिंग की रोजाना निगरानी होगी. झारखंड ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी के. श्रीनिवासन के निर्देश पर झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने राज्यभर के 11 केवी और 33 केवी फीडरों की निगरानी के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है. किसी फीडर में एक घंटे से अधिक समय तक ब्रेकडाउन रहने पर उसकी अलग रिपोर्ट तैयार की जाएगी.

नई व्यवस्था के तहत अब केवल यह जानकारी नहीं जुटाई जाएगी कि किसी इलाके में बिजली आपूर्ति हो रही है या नहीं, बल्कि प्रत्येक फीडर के प्रदर्शन का पूरा ब्योरा तैयार किया जाएगा. इसमें दिनभर में कितनी बार बिजली बाधित हुई, कुल कितनी देर तक आपूर्ति बंद रही और फॉल्ट दूर करने में कितना समय लगा, इसकी जानकारी दर्ज की जाएगी.

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एक घंटे से अधिक ब्रेकडाउन वाले फीडर होंगे चिह्नित

फीडरों की निगरानी करने वाली समिति विशेष रूप से उन फीडरों को चिह्नित करेगी, जहां एक घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है. ऐसे फीडरों की अलग रिपोर्ट तैयार कर प्रतिदिन जेबीवीएनएल के प्रबंध निदेशक के समक्ष प्रस्तुत की जायेगी. इससे लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले फीडरों और बिजली आपूर्ति में परेशानी वाले क्षेत्रों की पहचान हो सकेगी.

अब तक किसी इलाके में लंबे समय तक बिजली बंद रहने पर स्थानीय स्तर पर फॉल्ट, तकनीकी खराबी या अन्य कारण बताये जाते रहे हैं. नई व्यवस्था में फीडरवार आंकड़े उपलब्ध होने से यह पता लगाना आसान होगा कि किसी इलाके में बिजली कितनी बार और कितनी देर के लिए बाधित हुई.

चार सदस्यीय समिति करेगी फीडरों की निगरानी

सीएमडी के निर्देश पर गठित समिति में कार्यकारी निदेशक (ओ एंड एम) सुधीर कुमार सिंह को अध्यक्ष बनाया गया है. महाप्रबंधक (आइटी) संजय कुमार, महाप्रबंधक (ट्रांसमिशन नेटवर्क) शंकर झा और महाप्रबंधक (वाणिज्य) संजय सिंह समिति के सदस्य हैं. समिति को राज्य के सभी 11 केवी और 33 केवी फीडरों की दैनिक स्थिति की समीक्षा कर रिपोर्ट तैयार करनी होगी. इसमें बिजली आपूर्ति में रुकावट, ब्रेकडाउन, ट्रिपिंग और फॉल्ट दूर करने में लगे समय समेत अन्य बिंदुओं की जानकारी शामिल होगी.

सुबह छह से अगले दिन सुबह छह बजे तक होगी समीक्षा

पूरे राज्य की बिजली व्यवस्था की निगरानी के लिए एक अलग उच्चस्तरीय समिति भी गठित की गई है. यह समिति रोज सुबह छह बजे से अगले दिन सुबह छह बजे तक की बिजली आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करेगी. इसमें ग्रिड संचालन, ट्रिपिंग, आउटेज, वोल्टेज की गुणवत्ता और बिजली आपूर्ति से जुड़ी अन्य तकनीकी समस्याओं का आकलन किया जाएगा.

समिति को विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रतिदिन सुबह 11 बजे तक अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी. यानी 24 घंटे की बिजली व्यवस्था का रिपोर्ट कार्ड अगले पांच घंटे के भीतर शीर्ष प्रबंधन के सामने होगा.

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ग्रिड से फीडर तक तय होगी समस्या की जगह

राज्यस्तरीय समिति में एसएलडीसी, जेयूएसएनएल के कार्यकारी निदेशक मुकेश कुमार सिंह को अध्यक्ष बनाया गया है. जेबीवीएनएल के महाप्रबंधक (एसटीएन) शुभंकर झा, जेयूयूएनएल के महाप्रबंधक (तकनीकी/परियोजना) कुमुद रंजन सिन्हा और जेयूएसएनएल के महाप्रबंधक (कॉमर्शियल एंड रेगुलेटरी अफेयर्स) अजय कुमार सदस्य हैं.

दैनिक रिपोर्टिंग की इस व्यवस्था से बिजली आपूर्ति में आने वाली तकनीकी समस्या की जगह और उसकी पुनरावृत्ति का पता लगाने में मदद मिलेगी. इससे यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि समस्या फीडर स्तर पर है, ट्रांसफॉर्मर में है, ग्रिड से जुड़ी है या वितरण व्यवस्था में. लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों में सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकेगी.

एक नजर में

राज्यभर के 11 और 33 केवी फीडरों की रोज मॉनिटरिंग होगी.

एक घंटे से अधिक ब्रेकडाउन वाले फीडरों की अलग रिपोर्ट बनेगी. दिन में कितनी बार बिजली गई, इसका रिकॉर्ड रखा जाएगा.

कुल कितनी देर बिजली बंद रही, इसका भी ब्योरा तैयार होगा. फीडरवार रिपोर्ट प्रतिदिन शीर्ष प्रबंधन को दी जाएगी.

सुबह छह से अगले दिन सुबह छह बजे तक बिजली व्यवस्था की समीक्षा होगी. ग्रिड संचालन, ट्रिपिंग और आउटेज पर निगरानी रहेगी.

वोल्टेज की गुणवत्ता की भी दैनिक समीक्षा होगी. राज्यस्तरीय समिति की रिपोर्ट सुबह 11 बजे तक अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक को दी जाएगी.

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