Thursday, 3 September 2026
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ED Raid: यूपी के टोल प्लाजा पर आखिर चल रहा था कैसा खेल, ईडी की 7 राज्य में 14 ठिकानों पर रेड, 1.03 करोड़ कैश के बाद खुलेंगे राज

INT News3 September 2026 at 10:34 am

UP News: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के लखनऊ जोनल कार्यालय ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अलग-अलग टोल प्लाजा से जुड़े कथित टोल कलेक्शन फर्जीवाड़े की जांच में बड़ी कार्रवाई की है. PMLA, 2002 के तहत ED ने उत्तर प्रदेश समेत सात राज्यों और क्षेत्रों में 14 ठिकानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया. एजेंसी कथित अनियमितताओं से जुड़े डिजिटल और दस्तावेजी सबूत जुटाने में लगी है.

यूपी से लेकर राजस्थान, महाराष्ट्र और NCR तक छापेमारी

ED की कार्रवाई उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू, मध्य प्रदेश, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और कोलकाता में स्थित परिसरों पर की गई. जांच एजेंसी का फोकस कथित फर्जीवाड़े से जुड़े लोगों, लाभार्थियों और अपराध से अर्जित रकम के पूरे नेटवर्क का पता लगाने पर है. एक साथ कई राज्यों में हुई इस कार्रवाई ने टोल कलेक्शन सिस्टम में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.

अनधिकृत सॉफ्टवेयर से फर्जी टोल रसीद बनाने का आरोप

मामले की जांच 19 मई 2025 से शुरू हुई थी. जांच में कथित तौर पर ऐसे अनधिकृत सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई, जिनके जरिए बिना अनुमति टोल रसीदें तैयार करने का आरोप है. आरोप है कि टोल से मिलने वाली रकम को आधिकारिक अकाउंटिंग सिस्टम से बाहर भेजा जाता था. ED के अनुसार, फोरेंसिक जांच और NHAI से मिले रिकॉर्ड में ऐसे सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से जुड़े तथ्य सामने आए.

14 ठिकानों से 1.03 करोड़ रुपये नकद बरामद

तलाशी अभियान के दौरान ED ने अब तक विभिन्न ठिकानों से 1.03 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं. इसके अलावा संदिग्ध दस्तावेज और कई डिजिटल डिवाइस भी एजेंसी के हाथ लगे हैं. बरामद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है, जिससे कथित टोल फर्जीवाड़े के तरीके और इसमें शामिल लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है.

ED की जांच में खुल सकते हैं पूरे नेटवर्क के राज

ED अब बरामद नकदी, डिजिटल डिवाइस और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है. माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कथित टोल कलेक्शन फर्जीवाड़े से जुड़े नेटवर्क, लाभार्थियों और रकम के लेन-देन की परतें खुल सकती हैं. इस कार्रवाई को NHAI टोल प्लाजा से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में अब तक की बड़ी जांचों में से एक माना जा रहा है.

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