Thursday, 3 September 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

समाचार · झारखंड

Jharkhand में Swine Flu का बढ़ा खतरा, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट; सभी जिलों में जल्द शुरू होगी जांच

INT News3 September 2026 at 08:07 am

Swine Flu Case: राज्य में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने समीक्षा बैठक की. बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने अधिकारियों के साथ स्वाइन फ्लू की स्थिति और जांच व्यवस्था की जानकारी ली. अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल रांची सदर अस्पताल, रिम्स और एमजीएम जमशेदपुर में स्वाइन फ्लू की जांच हो रही है.

अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों से आरटी-पीसीआर मशीनों की उपलब्धता, खराब मशीनों की मरम्मत और जांच किट की स्थिति की जानकारी ली. उन्होंने सभी जिलों में जल्द स्वाइन फ्लू की जांच शुरू करने का निर्देश दिया. जिन जिलों में मशीन उपलब्ध नहीं है, वहां तत्काल मशीन के लिए मांग पत्र भेजने को कहा. जरूरत पड़ने पर टेक्नीशियन और पैथोलॉजिस्ट को रिम्स या सदर अस्पताल में प्रशिक्षण दिलाने का निर्देश दिया गया. साथ ही टूनेट मशीनों की संख्या बढ़ाने को कहा गया.

सभी जिलों में एचएमआईएस पूरी तरह चालू करने का निर्देश

बैठक में एचएमआईएस से जुड़े काम की भी समीक्षा की गई. सभी जिलों में एचएमआईएस को पूरी तरह चालू करने और जरूरत के अनुसार कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया गया. सीसीटीवी लगाने की व्यवस्था की भी समीक्षा हुई. अपर मुख्य सचिव ने एजेंसी को जिलों में जाकर कैमरे लगाने के लिए जरूरी स्थानों की योजना तैयार करने को कहा, ताकि महत्वपूर्ण जगहों पर निगरानी रखी जा सके. बैठक में डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा हुई. बैठक में विशेष सचिव डॉ नेहा अरोड़ा, अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह, संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.

ये भी पढ़ें- रांची: निजाम नगर में नशे के सौदागरों का दुस्साहस, पुलिस जवान से भिड़े; आरोपी मौके से फरार

डॉक्टरों की कमी जल्द दूर करने की तैयारी

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए दक्षिण भारत से करीब एक हजार पीजी डॉक्टर लाने का प्रयास किया जा रहा है. सिविल सर्जनों से मिले सुझाव के आधार पर अस्पतालों में जरूरत के अनुसार पदों की संख्या तय की जाएगी. उन्होंने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक सीएचसी को अपग्रेड करने के लिए भेजे गये प्रस्तावों की भी समीक्षा की. अस्पतालों में जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करने का निर्देश दिया गया. राज्य के 125 स्थानों पर एचपीएलसी मशीन उपलब्ध कराने की भी तैयारी है.

सहिया को ब्लड कलेक्शन और ड्रेसिंग का प्रशिक्षण

सहियाओं को प्रशिक्षण देकर ब्लड कलेक्शन और ड्रेसिंग का काम करने योग्य बनाया जाएगा. इसके लिए प्रत्येक सब सेंटर से बेहतर शैक्षणिक योग्यता वाली दो सहियाओं का चयन किया जाएगा. चयनित सहियाओं को छह महीने का प्रशिक्षण दिया जाएगा.

रिम्स खरीदेगा 5000 किट, सदर ने की 500 की डिमांड

स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए रिम्स का माइक्रोबायोलॉजी विभाग भी अलर्ट है. विभाग के पास फिलहाल 150 जांच किट हैं. स्थिति को देखते हुए रिम्स प्रबंधन से 5000 जांच किट खरीदने की मांग की गई है. प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉ अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि रोजाना 2 से 5 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए जा रहे हैं. इसलिए पर्याप्त संख्या में जांच किट रखना जरूरी है. किट का स्टॉक इसलिए रखा जा रहा है, ताकि स्वाइन फ्लू का फैलाव तेजी से होने पर अचानक किट की कमी नहीं हो.

सदर अस्पताल में शुक्रवार से फिर शुरू होगी जांच

सदर अस्पताल में आरटी-पीसीआर मशीन का इस्तेमाल शुक्रवार से दोबारा शुरू होगा. कोरोना काल में उपलब्ध कराई गई. इस मशीन से अब स्वाइन फ्लू की जांच की जाएगी. उपाधीक्षक डॉ बिमलेश सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग से 500 जांच किट की मांग की गई है. गुरुवार तक किट उपलब्ध कराने का आश्वासन मिला है. बता दें, रिम्स में बुधवार को दो सैंपल की जांच की गई. जिसमें दोनों की रिपोर्ट निगेटिव आई.

ये भी पढ़ें- महिला पर्यवेक्षिका परीक्षा मामला: HC की खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश पर लगाई रोक, 33 अभ्यर्थियों को नोटिस

रिम्स में छह बेड रिजर्व, जरूरत पर पेइंग वार्ड का होगा इस्तेमाल

स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए रिम्स के आइसोलेशन वार्ड में छह बेड तैयार किए गए हैं. अधीक्षक डॉ हिरेंद्र बिरुआ ने बताया कि जरूरत पड़ने पर पेइंग वार्ड के चौथे तल का इस्तेमाल किया जाएगा. मरीजों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार रखी गई है.

सदर अस्पताल में 10 बेड आरक्षित

सदर अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए 10 बेड आरक्षित किए गए हैं. उपाधीक्षक डॉ विमलेश सिंह ने बताया कि बेड के साथ जरूरी दवाएं भी रिजर्व में रखी गई हैं. मरीजों की संख्या बढ़ने पर बेड की संख्या भी बढ़ाई जाएगी. इसके लिए अलग टीम गठित करने की तैयारी है.