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जानलेवा हमले में उकलाना पुलिस ने हथियार बरामद किए:गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर गंडासी और डंडा मिला, पुरानी रंजिश में हमला
हिसार पुलिस ने जानलेवा हमले के एक मामले में तत्परता दिखाते हुए गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार बरामद कर लिए हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इस हमले को पुरानी रंजिश के चलते अंजाम दिया गया था। फिलहाल, कोर्ट के आदेश पर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक (SP) सिद्धांत जैन (IPS) के मार्गदर्शन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना उकलाना पुलिस को यह कामयाबी मिली है। सहायक उप निरीक्षक कुलदीप ने बताया कि इस संबंध में थाना उकलाना में 1 जुलाई 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा नंबर 167 दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई थी। रिमांड के दौरान मोनू से गंडासी और रघबीर से डंडा बरामद मामले की जांच कर रहे सहायक उप निरीक्षक राजबीर के नेतृत्व वाली पुलिस टीम ने दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अदालत से पुलिस रिमांड हासिल करने के बाद जब आरोपियों से गहनता से पूछताछ की गई, तो उनकी निशानदेही पर हथियार बरामद हुए। इसमें आरोपी मोनू पुत्र रघबीर, निवासी गांव लितानी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त गंडासी बरामद की गई। आरोपी रघबीर पुत्र छत्तर सिंह, निवासी गांव लितानी की निशानदेही पर हमले में इस्तेमाल किया गया डंडा बरामद हुआ। पुलिस ने दोनों हथियारों को कानूनी प्रक्रिया के तहत अपने कब्जे में ले लिया है। पुरानी रंजिश के कारण हुआ हमला, आरोपी न्यायिक हिरासत में पुलिस जांच के अनुसार, यह जानलेवा हमला आपसी पुरानी रंजिश का नतीजा था। मामले की निष्पक्षता से जांच के लिए वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली जा रही है। पुलिस रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद दोनों आरोपियों को दोबारा अदालत में पेश किया गया, जहाँ से माननीय न्यायालय ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जिला जेल, हिसार भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने कहा कि हिसार पुलिस जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और हिंसक अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गंभीर अपराधों में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और साक्ष्यों के आधार पर त्वरित व सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।"