Sunday, 12 July 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

समाचार · मध्य प्रदेश

सिवनी में आपसी संघर्ष में बाघ की मौत:केवलारी वन क्षेत्र में मिला शव; विशेषज्ञों ने जांच के बाद किया अंतिम संस्कार

INT News11 July 2026 at 10:57 pm

जिले के केवलारी वन परिक्षेत्र में शनिवार को दूधिया सर्किल की अर्जुनझिर बीट में एक वयस्क बाघ का शव मिला है। रोजाना की तरह गश्त पर निकले वन कर्मचारियों ने जब बाघ के शव को देखा, तो तुरंत इसकी सूचना अधिकारियों को दी। इसके बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की गाइडलाइंस के मुताबिक आगे की कार्रवाई शुरू की गई। बाघ की मौत की खबर मिलते ही एनटीसीए के प्रतिनिधि अनिमेश चव्हाण मौके पर पहुंचे। कान्हा टाइगर रिजर्व से बुलाई गई डॉग स्क्वाड की टीम ने पूरे इलाके का बारीकी से मुआयना किया, लेकिन वहां किसी भी तरह की इंसानी दखलंदाजी या संदिग्ध गतिविधि के सबूत नहीं मिले। शव की जांच की गई इसके बाद पेंच टाइगर रिजर्व के वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. अखिलेश मिश्रा और वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट (WCT) के डॉ. हमजा नदीम फारूकी ने बाघ के शव का परीक्षण किया। वन अधिकारियों के मुताबिक, मृत बाघ के नाखून, दांत, मूंछ के बाल और खाल (चमड़ी) जैसे सभी महत्वपूर्ण अंग पूरी तरह सुरक्षित पाए गए हैं। इससे शुरुआती तौर पर शिकार या तस्करी की बात से साफ इनकार किया जा रहा है। आपसी लड़ाई (टेरिटोरियल वॉर) में गई जान डीएफओ (DFO) गौरव मिश्रा ने प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया कि बाघ की मौत किसी दूसरे बाघ के साथ हुए आपसी संघर्ष (क्षेत्रीय वर्चस्व की लड़ाई) के कारण हुई है। मृत बाघ के शरीर पर किसी अन्य भारी वन्यजीव के नाखून और दांतों के गहरे घाव मिले हैं, जो यह इशारा करते हैं कि अपनी टेरिटरी (इलाके) को बचाने या कब्जाने के लिए दो बाघों के बीच खूनी लड़ाई हुई होगी। हालांकि, मौत की असली वजह पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच की फाइनल रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी। जांच के लिए जरूरी बायोलॉजिकल सैंपल सुरक्षित रख लिए गए हैं। जंगल में बढ़ाई गई निगरानी विशेषज्ञों के मुताबिक, जिन जंगलों में बाघों की आबादी बढ़ रही होती है, वहां अपने प्रभुत्व और इलाके को लेकर ऐसी हिंसक झड़पें होना स्वाभाविक है। सभी जरूरी प्रक्रियाओं और पोस्टमाटर्म के बाद वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में बाघ के शव का ससम्मान अंतिम संस्कार कर दिया गया। एहतियात के तौर पर वन विभाग ने पूरे इलाके में सुरक्षा और गश्त बढ़ा दी है, ताकि आस-पास के जंगलों में सक्रिय दूसरे बाघों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।