समाचार · मध्य प्रदेश
सरकारी अस्पताल में प्रसव के नाम पर वसूली:महिलाओं ने 'न्यौछावर' के नाम पर पैसे लेने की बात स्वीकार की; ड्यूटी पर तैनात स्टाफ को नोटिस
ग्वालियर में सरकारी अस्पतालों में मरीजों से अवैध वसूली की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग अब एक्शन मोड में नजर आ रहा है। शनिवार सुबह मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. एम.एस. सागर के निर्देश पर माधोगंज स्थित प्रसूति गृह में कराए गए औचक निरीक्षण के दौरान प्रसव कराने के नाम पर प्रसूताओं से पैसे लेने का मामला सामने आया। जांच के दौरान भर्ती महिलाओं से बातचीत में यह खुलासा हुआ कि प्रसव के बाद "न्यौछावर" के नाम पर उनसे राशि ली गई थी। मामले को गंभीर मानते हुए सीएमएचओ ने तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं और ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ को नोटिस जारी कर दिया गया है। महिलाओं ने 'न्यौछावर' के नाम पर पैसे लेने की बात स्वीकार की कलेक्टर रुचिका सिंह चौहान के निर्देश पर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी लगातार की जा रही है। इसी क्रम में शनिवार सुबह सीएमएचओ डॉ. एम.एस. सागर ने जिला स्वास्थ्य अधिकारी-1 डॉ. दीपाली माथुर को बिना पूर्व सूचना माधोगंज प्रसूति गृह का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही डॉ. दीपाली माथुर, डीपीएचएनओ संविधा के साथ सुबह करीब 8:45 बजे ऑटो से प्रसूति गृह पहुंचीं, ताकि निरीक्षण पूरी तरह गोपनीय रहे और वास्तविक स्थिति सामने आ सके। लम्बे समय से अस्पतालों में चल रहा है अवैध वसूली का खेल निरीक्षण के दौरान प्रसूति वार्ड में छह महिलाएं भर्ती मिलीं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने एक-एक कर सभी प्रसूताओं से उनके स्वास्थ्य, अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं और प्रसव के दौरान किसी प्रकार की राशि लिए जाने के संबंध में जानकारी ली। पूछताछ के दौरान तीन महिलाओं से विशेष रूप से बातचीत की गई, जिनमें से दो ने धीमी आवाज में स्वीकार किया कि प्रसव के बाद उनसे "न्यौछावर" के नाम पर पैसे लिए गए। महिलाओं ने खुलकर बोलने में झिझक जरूर दिखाई, लेकिन उनके बयान से अवैध वसूली की आशंका को बल मिला। निरीक्षण करने पहुंचे सीएमएचओ को देख अस्पताल में मचा हड़कम डॉ. दीपाली माथुर ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी तत्काल सीएमएचओ डॉ. एम.एस. सागर को दी। सूचना मिलते ही सीएमएचओ ने मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए विस्तृत जांच के आदेश जारी कर दिए। साथ ही शनिवार रात ड्यूटी पर तैनात संबंधित स्टाफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सीएमएचओ डॉ. एम.एस. सागर ने स्पष्ट कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों या उनके परिजनों से किसी भी प्रकार की अवैध वसूली किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि जांच में कोई कर्मचारी या स्वास्थ्यकर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीजों को सरकार की सभी स्वास्थ्य सेवाएं निशुल्क उपलब्ध कराने का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब अस्पतालों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। अधिकारियों को कई दिनों से मिल रही थी अवैध वसूली की शिकायत सीएमएचओ डॉ. एम.एस. सागर ने कहा कि जिले के अन्य अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में भी समय-समय पर इसी तरह के औचक निरीक्षण कराए जाएंगे। निरीक्षण का उद्देश्य केवल अनियमितताओं को पकड़ना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना और यह सुनिश्चित करना है कि मरीजों को बिना किसी दबाव या अवैध वसूली के बेहतर उपचार मिल सके। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद अस्पतालों में कार्यरत कर्मचारियों में भी हलचल देखी जा रही है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर दोषियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि मरीजों के अधिकारों से किसी भी तरह का खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।