समाचार · मध्य प्रदेश
बालाघाट में अवैध शराब सप्लाई में मैनेजर-सप्लायर गिरफ्तार:ठेकेदार फरार, रिसेवाड़ा दुकान से गांव में लाई गई शराब ग्रामीणों ने पकड़ी थी
जिले के बहेला थाना क्षेत्र के मिरिया (टेकेपार) में ग्रामीणों की सतर्कता से पकड़े गए अवैध शराब के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की। सप्लाई करने वाले शराब दुकान के मैनेजर धनंजयसिंह और सप्लायर मनोज फुलमारे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालांकि, मामले का मुख्य आरोपी और शराब ठेकेदार देवा शर्मा अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। यह पूरा मामला बीते बुधवार का है, जब टेकेपार गांव में अवैध रूप से शराब खपाने के लिए एक गाड़ी (क्रमांक CG 07 CN 3226) पहुंची थी। इसकी भनक लगते ही ग्रामीणों ने एकजुट होकर वाहन को चारों तरफ से घेर लिया और तुरंत बहेला थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वाहन को अपने कब्जे में लिया और उसमें से 11 पेटी अवैध शराब जब्त की। रिसेवाड़ा शराब दुकान से हो रही थी अवैध सप्लाई बहेला थाना प्रभारी शैलेन्द्र सक्सेना ने बताया कि तफ्तीश में सामने आया है कि जब्त की गई शराब रिसेवाड़ा स्थित शराब दुकान से ग्रामीण इलाकों में अवैध बिक्री के लिए लाई गई थी। घटना वाले दिन गाड़ी को खुद मैनेजर धनंजयसिंह चला रहा था और सप्लायर मनोज फुलमारे उसके साथ गांव में शराब की अवैध डिलीवरी देने आया था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर कोर्ट के माध्यम से जेल भेज दिया है। इस मामले में दुकान के ठेकेदार देवा शर्मा को भी नामजद आरोपी बनाया गया है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। ग्रामीणों के हाथ लगा 'सीक्रेट रजिस्टर', खुलेगा बड़ा राज! सूत्रों के मुताबिक, वाहन को पकड़ने के दौरान ग्रामीणों के हाथ एक महत्वपूर्ण डायरी या रजिस्टर लगा था। इस रजिस्टर में उन सभी स्थानीय लोगों के नाम और मोबाइल नंबर दर्ज हैं, जो गांवों में अवैध रूप से शराब बेचने के धंधे से जुड़े हुए हैं। हालांकि, इस सीक्रेट रजिस्टर को लेकर बहेला पुलिस ने अभी तक कोई भी आधिकारिक बयान या जानकारी साझा नहीं की है। पुलिस फिलहाल मुख्य आरोपी ठेकेदार की तलाश में जुटी है।